उत्तरी भारत में शीतलहर: शोपियां -4.2 डिग्री, हिमाचल-कश्मीर में बर्फबारी, दिल्ली के लिए IMD अलर्ट
उत्तरी भारत में शीतलहर: हिमाचल-कश्मीर में बर्फबारी, दिल्ली के लिए IMD अलर्ट
उत्तरी भारत में शीतलहर ने असर दिखाना शुरू कर दिया है, जिसके चलते हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित कई राज्यों में कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तरी भारत में शीतलहर को लेकर घने कोहरे और गिरते तापमान की चेतावनी जारी की है, जिससे आम जनजीवन पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
कश्मीर का शोपियां -4.2 डिग्री पर, उत्तर भारत में शीतलहर तेज
कश्मीर घाटी में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है और दक्षिण कश्मीर का शोपियां जिला माइनस तापमान के साथ सबसे ठंडा स्थान बन गया है। यहां न्यूनतम तापमान माइनस 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि श्रीनगर में रात का पारा माइनस 2.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो उत्तर भारत में शीतलहर की तीव्रता को दर्शाता है। मध्य कश्मीर के ऊंचे क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हुई, जिसके चलते श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर फिसलन बढ़ गई और वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ा।
IMD के अनुसार, उत्तरी भारत में शीतलहर के साथ-साथ घना और घना से बहुत घना कोहरा भी कई इलाकों में देखा जा सकता है। विभाग ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया है कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ हिस्सों में 10 से 13 दिसंबर के बीच शीतलहर की स्थिति बहुत अधिक संभावित है। पंजाब में भी 11 से 13 दिसंबर तक कुछ स्थानों पर तापमान में उल्लेखनीय गिरावट के साथ शीतलहर जारी रहने की चेतावनी दी गई है।
इसके अलावा विदर्भ और तेलंगाना में 10 और 11 दिसंबर को शीतलहर का असर देखने को मिल सकता है, जबकि हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, उत्तर राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 12 और 13 दिसंबर को ठंडी हवाओं और गिरते तापमान के कारण मौसम और सर्द हो सकता है। उत्तरी भारत में शीतलहर के इस चरण के दौरान कई क्षेत्रों में सामान्य से कम न्यूनतम तापमान दर्ज होने की संभावना जताई गई है।
घना कोहरा, गिरता पारा और बर्फबारी से हालात कठिन
पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है और IMD ने असम तथा मणिपुर के कुछ इलाकों में 10 से 14 दिसंबर के बीच सुबह के समय घने कोहरे की आशंका जताई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और ओडिशा में 10 और 11 दिसंबर को घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे सड़क और हवाई यातायात पर असर पड़ सकता है। एजेंसी के अनुसार, अगले दो दिनों में उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जबकि उसके बाद दो दिनों तक कोई बड़ा बदलाव नहीं होने और फिर अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय इलाकों में भी ठंड का प्रकोप बढ़ गया है, जहां उत्तर भारत में शीतलहर के बीच ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जारी है। रोहतांग दर्रा और कुल्लू जिले के अन्य ऊंचे इलाकों में सोमवार को ताजा बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे सड़क मार्ग फिसलन भरे हो गए हैं। मनाली-लेह मार्ग को दारचा से आगे वाहनों की आवाजाही के लिए आधिकारिक रूप से बंद कर दिया गया है, क्योंकि ऊंचे दर्रों पर बर्फ और फिसलन के कारण यात्रा असुरक्षित मानी जा रही है। हर वर्ष सर्दियों के मौसम में यह मार्ग बर्फबारी के चलते लंबे समय के लिए बंद कर दिया जाता है, जिससे लाहौल तथा लद्दाख के बीच सड़क संपर्क प्रभावित होता है।
कुल मिलाकर, उत्तरी भारत में शीतलहर, शून्य से नीचे जाते तापमान, बर्फबारी और घने कोहरे के कारण आम लोगों को कड़ी सर्दी और यात्रा संबंधी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। IMD ने सलाह दी है कि लोग ठंड से बचाव के सभी उपाय करें, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। साथ ही, जिन इलाकों में घना कोहरा और बर्फबारी की संभावना अधिक है, वहां यात्रा करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य लेनी चाहिए और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।

