Rohini Acharya का सियासी धमाका: RJD परिवार में बढ़ते विवाद पर बड़ा बयान

रोहिणी आचार्य ने चुनावी हार के बाद राजनीति और परिवार से दूरी बनाने का बड़ा फैसला सार्वजनिक किया, जिससे RJD के भीतर तनाव बढ़ गया।

Rohini Acharya का बड़ा बयान और RJD में बढ़ता घमासान

Rohini Acharya ने बिहार के ताज़ा चुनाव नतीजों के अगले ही दिन राजनीति छोड़ने और परिवार से नाता तोड़ने जैसा चौंकाने वाला एलान कर दिया। यह घोषणा उन्होंने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर की, जिसने RJD के भीतर बढ़ते विवादों को उजागर कर दिया।

RJD की चुनावी हार और परिवार में बढ़ते मतभेद

इस चौंकाने वाले कदम का समय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि एक दिन पहले ही RJD को बीते दशक की सबसे बड़ी चुनावी हार का सामना करना पड़ा। NDA ने बिहार विधानसभा चुनाव में 202 सीटें हासिल कीं, जबकि RJD केवल 25 सीटों पर सिमट गई। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव भी लंबे समय तक राघोपुर सीट से पीछे चल रहे थे, हालांकि बाद में करीब 14,000 वोटों से जीत दर्ज की।

Rohini Acharya ने अपने पोस्ट में दावा किया कि यह कदम उन्होंने RJD के राज्यसभा सांसद संजय यादव और रमीज़ के कहने पर उठाया है, जो तेजस्वी यादव के बेहद करीबी माने जाते हैं। उन्होंने लिखा कि वे “सारी ज़िम्मेदारी खुद ले रही हैं।” इससे यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी के भीतर असंतोष और आपसी खींचतान पिछले कुछ महीनों से बढ़ रही थी।

संजय यादव से तनाव और पुराना विवाद

RJD के भीतर आंतरिक राजनीति को लेकर रोहिणी और संजय यादव के बीच विवाद की चर्चा पहले भी होती रही है। चुनाव प्रचार के दौरान संजय के तेजस्वी के काफिले में आगे बैठने को लेकर रोहिणी की नाराज़गी सार्वजनिक रूप से सामने आई थी। इसके बाद भी दोनों ने किसी बड़े मतभेद से इनकार किया था, पर अंदरूनी विवाद थमा नहीं।

46 वर्षीय Rohini Acharya ने 2022 में अपने पिता लालू प्रसाद यादव को किडनी दान करके राष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं। इसके बावजूद, पार्टी में असर न बढ़ने और निर्णय प्रक्रिया से दूर रहने की शिकायतें अक्सर सामने आती रहीं। उन्होंने कहा था कि वे कभी अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं करेंगी और न ही उन्हें किसी पद की लालसा है।

कई नेताओं का मानना है कि परिवार के भीतर मतभेद और पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन को लेकर बढ़ती खींचतान इस स्थिति तक ले आई है। RJD की पहली फैमिली के भीतर टकराव पहले भी सामने आ चुका है — विशेषकर तब जब तेजप्रताप यादव को सोशल मीडिया विवाद के बाद पार्टी से बाहर कर दिया गया और उन्होंने अपनी अलग पार्टी JJD बनाई।

इधर, BJP ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपने पिता को किडनी देने वाली Rohini Acharya अब परिवार से अलग होने को मजबूर दिख रही हैं। उन्होंने दावा किया कि यह RJD में गहरे आंतरिक संकट का संकेत है।

फिलहाल RJD या तेजस्वी यादव की ओर से रोहिणी के इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन यह स्पष्ट है कि इस कदम ने पार्टी के भीतर राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है।

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