ईरान प्रदर्शन पर ट्रंप का सख्त रुख: 25% टैरिफ धमकी के बीच संदेश – मदद रास्ते में है
ईरान प्रदर्शन पर ट्रंप: मदद रास्ते में है
ईरान प्रदर्शन पर ट्रंप का ताजा बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए तनाव को जन्म दे रहा है, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरानी प्रदर्शनकारियों से विरोध जारी रखने की अपील करते हुए कहा है कि “मदद रास्ते में है।” अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Truth Social पर संदेश जारी कर ईरानी प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए उन्हें “ईरानियन पैट्रियट्स” कहकर संस्थाओं पर नियंत्रण करने और प्रदर्शन जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने लिखा कि “ईरानियन पैट्रियट्स, KEEP PROTESTING – TAKE OVER YOUR INSTITUTIONS!!! हत्यारों और अत्याचारियों के नाम सुरक्षित रखें, उन्हें भारी कीमत चुकानी होगी।” ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक प्रदर्शनकारियों की “बेमतलब हत्याएं” नहीं रुकतीं, तब तक उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकों को रद्द कर दिया है। ईरान प्रदर्शन पर ट्रंप की यह सख्त चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब मानवाधिकार समूहों के अनुसार 28 दिसंबर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है और आर्थिक संकट के बीच हिंसा बढ़ती जा रही है।
ईरान में प्रदर्शन और बढ़ती हिंसा
ईरान में प्रदर्शन 28 दिसंबर को तेहरान के बाज़ार और अन्य व्यावसायिक इलाकों से शुरू हुए, जहां दुकानदारों और व्यापारियों ने तेजी से बढ़ती महंगाई और ईरानी मुद्रा रियाल की गिरती कीमत के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराया। बढ़ती कीमतों ने रोजमर्रा की जरूरत की चीजों को आम लोगों की पहुंच से बाहर कर दिया, जिससे पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंधों से जूझ रही अर्थव्यवस्था पर और दबाव पड़ गया। जैसे-जैसे विरोध प्रदर्शन देश के अन्य हिस्सों में फैले, विभिन्न सामाजिक वर्गों ने भी सरकार विरोधी नारे लगाते हुए प्रदर्शन में हिस्सा लेना शुरू कर दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन HRANA ने बताया कि 28 दिसंबर के बाद से अब तक सैकड़ों प्रदर्शनकारियों सहित कई नाबालिगों की भी मौत हुई है, जबकि हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया है, हालांकि आधिकारिक आंकड़े अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। ईरान की न्यायपालिका ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ “कठोर और त्वरित” कार्रवाई की चेतावनी दी है और अदालतों को निर्देश दिए हैं कि “दंगाइयों” के मामले में किसी तरह की नरमी न बरती जाए। सरकार का दावा है कि सुरक्षा बलों पर हमले करने वाले “दंगाई” विदेशी शक्तियों से जुड़े हैं, जबकि प्रदर्शनकारी इसे आर्थिक बदहाली और राजनीतिक आज़ादी की कमी का परिणाम बता रहे हैं।
ईरान प्रदर्शन पर ट्रंप की नीति और 25% टैरिफ
ईरान प्रदर्शन पर ट्रंप की प्रतिक्रिया केवल बयानबाज़ी तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने एक नए निर्देश की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि जो भी देश इस्लामिक रिपब्लिक ईरान के साथ व्यापार करेगा, उस पर अमेरिका के साथ होने वाले सभी व्यापार पर 25% टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रंप ने कहा, “तुरंत प्रभाव से, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ कारोबार करने वाला कोई भी देश, संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ किए जाने वाले किसी भी और सभी व्यापार पर 25% टैरिफ चुकाएगा। यह आदेश अंतिम और निर्णायक है।” ईरान प्रदर्शन पर ट्रंप की यह कड़ी आर्थिक चेतावनी पहले से लागू अमेरिकी प्रतिबंधों के दबाव को और बढ़ा सकती है, जिससे ईरान की कमजोर अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे टैरिफ से न केवल ईरान बल्कि उन देशों की कंपनियों पर भी असर पड़ेगा जो ईरान के साथ व्यापारिक संबंध बनाए हुए हैं, जिससे वैश्विक व्यापार और कूटनीतिक समीकरणों में नई खींचतान पैदा हो सकती है।
व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लेविट ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ईरान मामले में “कई, अनेक विकल्प” विचाराधीन हैं और एयरस्ट्राइक भी उन विकल्पों में शामिल है, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रशासन के लिए कूटनीति हमेशा “पहला विकल्प” रहेगा। इस बयान से संकेत मिलता है कि ईरान प्रदर्शन पर ट्रंप प्रशासन सैन्य और आर्थिक दोनों स्तरों पर दबाव बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है, जबकि सार्वजनिक रूप से बातचीत के दरवाजे खुले रखने की बात भी कर रहा है। >इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि उनकी अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ से बातचीत जारी है और संचार चैनल खुले हैं, लेकिन ट्रंप का हालिया संदेश यह दर्शाता है कि जब तक प्रदर्शनों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी, तब तक किसी भी उच्च स्तरीय मुलाकात की संभावना बेहद कम है। इस प्रकार, ईरान प्रदर्शन पर ट्रंप की रणनीति फिलहाल कठोर आर्थिक दबाव, संभावित सैन्य विकल्प और प्रदर्शनकारियों के लिए खुला समर्थन का मिश्रण दिखाई देती है।

