भारत-EU फ्री ट्रेड समझौता: 99% टैरिफ हटेगा, €180 अरब व्यापार बढ़ेगा

भारत-EU फ्री ट्रेड समझौता: 99% टैरिफ हटाने वाला 'मदर ऑफ ऑल डील्स'

भारत-EU फ्री ट्रेड समझौता ऐतिहासिक सौदा बन गया है, जिसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय संघ के नेताओं एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ भारत-EU शिखर सम्मेलन में इसकी घोषणा की। यह समझौता दोनों पक्षों के बीच व्यापार को मजबूत करेगा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाएगा। गणतंत्र दिवस के ठीक बाद यह ऐलान हुआ, जो भारत के निकटतम रणनीतिक साझेदारों को दी जाने वाली सम्मानित जगह दर्शाता है।

भारत-EU फ्री ट्रेड समझौता: टैरिफ में भारी कटौती

यह भारत-EU फ्री ट्रेड समझौता सात वर्षों में भारतीय निर्यात के 99% मूल्य पर टैरिफ समाप्त करेगा। €33 अरब के श्रम-गहन सामानों जैसे कपड़ा, चमड़ा, जूते, रत्न और आभूषण पर समझौता लागू होते ही शुल्क हटेंगे। भारत यूरोपीय संघ के 96.6% निर्यात पर टैरिफ घटाएगा, जिसमें से एक-तिहाई कटौती 2027 की शुरुआत में प्रभावी होगी, बाकी पांच से दस वर्षों में चरणबद्ध। वॉन डेर लेयेन ने कहा कि व्यापार को हथियार बनाए जाने के दौर में यह साझेदारी सुरक्षा कवच बनेगी।

मोदी ने मीडिया बातचीत में कहा, ‘आज भारत ने अपनी सबसे बड़ी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पूरी की।’ द्विपक्षीय व्यापार €180 अरब है और यूरोपीय संघ क्षेत्र में 8 लाख से अधिक भारतीय रहते हैं। समझौते का पूरा पाठ फरवरी मध्य में प्रकाशित होगा, कानूनी जांच और अनुवाद के बाद अगस्त में औपचारिक हस्ताक्षर होंगे। मोदी ने जोड़ा कि यह भारत-EU फ्री ट्रेड समझौता किसानों और छोटे उद्योगों को यूरोपीय बाजार तक पहुंच दिलाएगा, विनिर्माण में नई संभावनाएं पैदा करेगा और सेवा क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करेगा।

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सेवा क्षेत्र और निवेश में नई ऊंचाइयां

भारतीय सेवा कंपनियों को 144 यूरोपीय उप-क्षेत्रों तक पहुंच मिलेगी, जबकि भारत 102 क्षेत्र यूरोपीय प्रदाताओं के लिए खोलेगा। आईटी, पेशेवर सेवाएं, शिक्षा और व्यवसाय परामर्श में अवसर बढ़ेंगे। मोदी ने कहा कि भारत-EU फ्री ट्रेड समझौता निवेश बढ़ाएगा, नवाचार साझेदारियां बनाएगा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करेगा। वॉन डेर लेयेन ने 2025 अंत तक लक्ष्य पूरा होने पर खुशी जताई, ‘हमने मदर ऑफ ऑल डील्स कर दिया। दुनिया की दूसरी और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं साझेदारी चुन रही हैं।’

यह सौदा निर्यातकों के लिए सालाना €4 अरब टैरिफ बचत लाएगा और लाखों नौकरियां पैदा करेगा। भारतीय उपभोक्ताओं को फायदा होगा क्योंकि यूरोपीय कारों पर टैरिफ 110% से घटकर 10% हो जाएगा (सालाना 2.5 लाख वाहनों के लिए), वाइन पर 150% से 20-30%, स्पिरिट्स पर 40%। मशीनरी, दवा और चिकित्सा उपकरणों पर भी भारी कटौती।

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व्यापार आंकड़े और भविष्य की संभावनाएं

यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, 2024 में €120 अरब माल व्यापार (भारत के कुल का 11.5%)। सेवा व्यापार 2023 में €59.7 अरब रहा। अमेरिकी 50% टैरिफ से प्रभावित कपड़ा-आभूषण निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। 2007 में शुरू बातचीत 2013 में रुकी, 2022 में फिर शुरू हुई। हस्ताक्षर अगस्त 2026 में, 2027 से लागू। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत यूरोपीय संघ के $6.5 ट्रिलियन माल आयात का मात्र 1.5% और $3 ट्रिलियन सेवा आयात का 2.5% है, विस्तार की अपार गुंजाइश। मोदी ने हिंदी में कहा, ‘वैश्विक अस्थिरता में भारत-EU साझेदारी स्थिरता लाएगी।’

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