नवंबर 2025 में भारत का व्यापार घाटा $24.53 अरब पर सिमटा, अमेरिका निर्यात बढ़ा
भारत का व्यापार घाटा: निर्यात बढ़ा, आयात घटा
नवंबर 2025 में भारत का व्यापार घाटा पांच माह के न्यूनतम स्तर $24.53 अरब पर सिमट गया। यह कमी सोने के आयात में गिरावट और अमेरिका को निर्यात में तेजी से हुई। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, निर्यात अक्टूबर के $34.48 अरब से बढ़कर $38.13 अरब हो गया, जो जून 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं आयात $76.06 अरब से घटकर $62.66 अरब रह गया।
अमेरिका निर्यात में 10% की उछाल
भारत का व्यापार घाटा अक्टूबर में रिकॉर्ड $41.7 अरब तक पहुंचा था, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दंडात्मक टैरिफ से अमेरिका निर्यात गिरा। लेकिन नवंबर में अमेरिका को निर्यात मासिक आधार पर 10% चढ़कर $6.92 अरब हो गया। सालाना आधार पर यह 21% की वृद्धि दर्शाता है, जबकि अक्टूबर में यह सालाना 9% घटा था। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने नई दिल्ली में कहा, ‘टैरिफ के बावजूद भारत ने अमेरिका निर्यात में मजबूती दिखाई।’
इस विकास को चीन सहित नए बाजारों में धक्का देने से समर्थन मिला। सेवाओं के निर्यात $35.86 अरब और आयात $17.96 अरब रहने से $17.9 अरब का अधिशेष हुआ। हालांकि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की बातें धीमी गति से चल रही हैं। ट्रंप ने अगस्त में टैरिफ लगाए जाने के बाद चार बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। वाशिंगटन भारत से अमेरिकी कृषि उत्पादों जैसे सोयाबीन और ज्वार पर टैरिफ घटाने की मांग कर रहा है। इससे रुपये पर दबाव बना हुआ है, जो सोमवार को डॉलर के मुकाबले नया निचला स्तर छू गया।
निर्यात वृद्धि के प्रमुख कारण
नवंबर में निर्यात सालाना 19.4% बढ़कर $38.13 अरब पर पहुंचा। सोना, तेल और कोयला आयात घटने से भारत का व्यापार घाटा नियंत्रित रहा। ब्लूमबर्ग के संकलित आंकड़ों के अनुसार यह जून 2022 के बाद का सर्वोच्च निर्यात स्तर है। भारत अभी भी अमेरिका के साथ व्यापार सौदा करने वाले प्रमुख अर्थतंत्रों में पीछे है, जो रुपये को प्रभावित कर रहा है।

