भारत आत्मनिर्भर: अमेरिका को कृषि उत्पादों पर कोई आयात लाभ नहीं, गोयल ने कहा

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत की कृषि आत्मनिर्भरता पर जोर दिया

भारत आत्मनिर्भर कृषि क्षेत्र में

भारत आत्मनिर्भर है कृषि क्षेत्र में। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को स्पष्ट किया कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के संयुक्त बयान में अमेरिका को कृषि उत्पादों पर कोई आयात लाभ नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि भारत कृषि क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर है।प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों से बातचीत में गोयल ने विस्तार से बताया कि भारत आत्मनिर्भर होने के कारण इस क्षेत्र में विदेशी आयात पर निर्भरता कम करना आवश्यक है। भाजपा नेता ने जोर देकर कहा कि देश के किसानों और कृषि उत्पादकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। यह कदम भारत की आर्थिक स्वायत्तता को मजबूत बनाएगा।

आयात लाभ न देने वाली उत्पाद सूची

गोयल ने उन उत्पादों की सूची साझा की जिन पर अमेरिका को कोई आयात लाभ नहीं मिलेगा। इसमें मांस, मुर्गी, डेयरी उत्पाद, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, अन्य अनाज, बाजरा (ज्वार, बाजरा, रागी), फल, हरी चाय, तिलहन, मूंगफली, शहद, शराब रहित पेय, इथेनॉल और तंबाकू शामिल हैं। इन उत्पादों पर भारत आत्मनिर्भर है और घरेलू उत्पादन पर्याप्त है। इस निर्णय से भारतीय किसानों को लाभ होगा क्योंकि बाजार में सस्ते आयात से उनकी आय प्रभावित नहीं होगी। गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार संबंध मजबूत होंगे लेकिन कृषि जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में राष्ट्रीय हित प्राथमिकता रहेगा। यह नीति ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के अनुरूप है।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का महत्व

भारत आत्मनिर्भर कृषि क्षेत्र में इस फैसले से वैश्विक व्यापार में मजबूत स्थिति बनाएगा। गोयल ने संयुक्त बयान का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा लेकिन असंतुलित आयात से बचाव होगा। इससे किसान समुदाय उत्साहित है और सरकार की नीतियों की सराहना कर रहा है। कुल मिलाकर, यह घोषणा भारत की कृषि शक्ति को रेखांकित करती है। देश ने विभिन्न फसलों में उत्पादन बढ़ाकर आत्मनिर्भरता हासिल की है। भविष्य में ऐसे और निर्णय अपेक्षित हैं जो राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे।

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