नीतीश कुमार की 10वीं बार शपथ: NDA की बड़ी जीत और मजबूत नेतृत्व
नीतीश कुमार 10वीं बार शपथ: ऐतिहासिक राजनीतिक उपलब्धि
नीतीश कुमार 10वीं बार शपथ लेते हुए एक बार फिर सुर्खियों में हैं, और यह ऐतिहासिक कदम न केवल बिहार की राजनीति बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ा संदेश देता है। नीतीश कुमार 10वीं बार शपथ लेकर अब भारत के सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले मुख्यमंत्रियों में से एक बनने की ओर बढ़ रहे हैं, और यदि वे वर्तमान कार्यकाल पूरा करते हैं तो पूर्व सिक्किम मुख्यमंत्री पवन चामलिंग के 24 वर्ष के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देंगे।
#WATCH | Lakhendra Kumar Raushan, Shreyashi Singh, Dr Pramod Kumar, Sanjay Kumar, Sanjay Kumar Singh, Deepak Prakash take oath as state ministers in Bihar cabinet at the oath ceremony being held at Patna’s Gandhi Maidan.
(Source: DD News) pic.twitter.com/Y9YG0dmrNX
— ANI (@ANI) November 20, 2025
एनडीए की भारी जीत और जनता दल यूनाइटेड की मजबूती
पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित समारोह में नीतीश कुमार 10वीं बार शपथ लेते दिखाई दिए। यह शपथग्रहण पिछले सप्ताह हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद हुआ, जिसमें जेडीयू ने 243 में से 85 सीटें और भाजपा ने 89 सीटें जीतीं। कुल मिलाकर, भाजपा–जेडीयू नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को 202 सीटों के साथ भारी बहुमत मिला।
समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि बिहार अब फिर से विकास के मार्ग पर अग्रसर है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्य अच्छे शासन और विकास के जरिए आगे बढ़ेगा।
#WATCH | Lakhendra Kumar Raushan, Shreyashi Singh, Dr Pramod Kumar, Sanjay Kumar, Sanjay Kumar Singh, Deepak Prakash take oath as state ministers in Bihar cabinet at the oath ceremony being held at Patna’s Gandhi Maidan.
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— ANI (@ANI) November 20, 2025
नये मंत्रिमंडल में अनुभवी और नये चेहरों का संतुलन
नीतीश कुमार की लोकप्रियता और लंबे राजनीतिक अनुभव की वजह से वे पहले से ही देश के सबसे लंबे समय तक कार्य करने वाले मुख्यमंत्रियों में शामिल हैं। नीतीश कुमार 10वीं बार शपथ लेने के साथ उन्होंने अपनी स्थिति को और मजबूत किया है। भाजपा के सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और दिलीप जायसवाल समेत 19 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें से कई नेताओं ने पिछले कार्यकाल में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई थीं।
भाजपा नेताओं संजय कुमार सिंह, प्रमोद कुमार और लखेंद्र रौशन को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली। प्रमोद कुमार पहले कानून, गन्ना उद्योग और कला-संस्कृति मंत्री रह चुके हैं। साथ ही, भाजपा ने प्रतियोगी निशानेबाज और दो बार की विधायक श्रीयसी सिंह को भी मंत्री पद देकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी।
जेडीयू के तरफ से बिजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, विजय कुमार चौधरी और अशोक चौधरी जैसे वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है। इनके पास पूर्व सरकार में भी ऊर्जा, ग्रामीण विकास, जल संसाधन और ग्रामीण कार्य विकास जैसे महत्वपूर्ण विभाग थे।
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री रहे मोहम्मद ज़मा खान को भी पुनः मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। तीन छोटे सहयोगियों—चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी, जीतन राम मांझी की हिंदुस्तान आवाम मोर्चा और उपेंद्र कुशवाहा के राष्ट्रीय लोक मंच—को भी एक-एक मंत्री पद मिलने की संभावना है।
आरएलएम और एचएएम के दीपक प्रकाश और संतोष मांझी को भी शामिल किया गया है, जो विधान परिषद के सदस्य हैं। प्रकाश पहली बार मंत्री बनेंगे, जबकि मांझी पहले आईटी और आपदा प्रबंधन मंत्री रह चुके हैं।
इस तरह नया मंत्रिमंडल अनुभवी चेहरों और युवाओं का संतुलित मिश्रण प्रस्तुत करता है, जो आने वाले पांच वर्षों में बिहार को विकास और स्थिरता देने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला है।

