बिहार चुनाव: गठबंधनों में दरारें, अनिश्चितता का घना कोहरा

बिहार चुनाव 2025 में गठबंधनों की दरारें और राजनीतिक हलचल

बिहार चुनाव की तस्वीर हर दिन और धुंधली होती जा रही है। जहां एक ओर महागठबंधन में सहयोगी दलों की अलग-अलग राहें दिख रही हैं, वहीं एनडीए में भी सब कुछ उतना सहज नहीं जितना दिख रहा है। राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं और अनिश्चितता का माहौल गहराता जा रहा है।

बिहार चुनाव में बढ़ती दरारें

झारखंड मुक्ति मोर्चा का बड़ा फैसला

महागठबंधन को बड़ा झटका देते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने बिहार चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर दिया है। भाजपा के अमित मालवीय ने इसे “बिहार की रक्षा” करार देते हुए कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के अहंकार ने महागठबंधन को तोड़ दिया। मालवीय ने यह भी संकेत दिया कि JMM बिहार चुनाव के बाद झारखंड में भी गठबंधन पर पुनर्विचार कर सकती है।

हेमंत सोरेन की पार्टी भी अलग, मुकेश सैनी का रुख

सिर्फ JMM ही नहीं, हेमंत सोरेन से जुड़ी अन्य धड़े और मुकेश सैनी ने भी अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया है। महागठबंधन की एकता पर यह एक और सवालिया निशान है।

सूत्रों की मानें तो महागठबंधन के भीतर राजद और कांग्रेस के बीच भी सीटों के बंटवारे को लेकर मतभेद हैं। दोनों दलों के बीच तालमेल की कमी साफ दिख रही है।

एनडीए में भी सब ठीक नहीं

जमीनी हकीकत यह है कि एनडीए में भी चीजें उतनी सरल नहीं हैं जितनी बताई जा रही हैं:

  • उपेंद्र कुशवाहा की नाराजगी: राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा सीटों के बंटवारे से खुश नहीं हैं।
  • नीतीश की पार्टी में असंतोष: JDU के भीतर भी कई नेताओं में असंतोष की भनक मिल रही है।
  • भाजपा में टिकट बंटवारा: भाजपा में भी टिकट वितरण को लेकर असंतोष के स्वर उठ रहे हैं।

लालू-तेजस्वी पर चार्जशीट का साया

इस पूरे घटनाक्रम के बीच लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव पर चार्जशीट की तलवार लटकी हुई है, जो राजद की चुनावी रणनीति को प्रभावित कर सकती है।

प्रशांत किशोर का अचानक यू-टर्न

सबसे बड़ा सरप्राइज प्रशांत किशोर की ओर से आया। कई वर्षों से बिहार की राजनीति में सक्रिय रहने और जन सुराज पार्टी के जरिये जमीन तैयार करने के बाद अचानक चुनाव न लड़ने की घोषणा ने सभी को चौंका दिया है।

क्या है आगे का रास्ता?

बिहार चुनाव की राजनीतिक तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है। दोनों गठबंधनों में आंतरिक खींचतान, छोटे दलों की अलग राहें और अप्रत्याशित घटनाक्रम इस चुनाव को रोचक और अनिश्चित बना रहे हैं। अब देखना यह है कि चुनाव नजदीक आने पर ये समीकरण किस तरह बदलते हैं और कौन सा गठबंधन अपने घर को साधने में सफल रहता है।

 

Election Commission of India

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