आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से भारत की 8% आर्थिक वृद्धि: नीति आयोग रिपोर्ट
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से भारत की 8% आर्थिक वृद्धि का बड़ा दावा नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट में किया गया है। यह रिपोर्ट बताती है कि AI भारत को विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा सकता है और देश के GDP को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
AI से $8.3 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था की संभावना
नीति आयोग ने “AI फॉर विकसित भारत: द ऑपर्च्युनिटी फॉर एक्सेलेरेटेड इकोनॉमिक ग्रोथ” शीर्षक से एक क्रांतिकारी रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि AI अपनाने से भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वर्तमान $6.6 ट्रिलियन से बढ़कर $8.3 ट्रिलियन तक पहुंच सकता है, जिससे $1.7 ट्रिलियन का अतिरिक्त अवसर मिलेगा। वैश्विक AI अपनाने से अगले दशक में $17-25 ट्रिलियन का मूल्य जोड़ा जा सकता है, जिसमें भारत की 15% हिस्सेदारी संभव है।
नीति आयोग के CEO बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत की आर्थिक परिवर्तन के लिए निर्णायक लीवर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह न केवल रोजगार के अवसर बढ़ाएगा बल्कि 2035 तक भारतीय अर्थव्यवस्था में लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर का अतिरिक्त योगदान भी देगा।
मुख्य क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव
AI बैंकिंग, विनिर्माण और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। बैंकिंग क्षेत्र में ग्राहक सेवा और जोखिम प्रबंधन में सुधार होगा तथा डिजिटल भुगतान प्रणाली का विकास होगा। विनिर्माण उद्योग में उत्पादन दक्षता, गुणवत्ता नियंत्रण और स्मार्ट फैक्ट्री का विकास होगा। फार्मास्यूटिकल्स में दवा खोज में तेजी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट में क्रांति और व्यक्तिगत चिकित्सा का विकास संभव है।
फ्रंटियर टेक हब की मुख्य आर्किटेक्ट देबजानी घोष ने कहा कि भारत का 8%+ निरंतर विकास का मिशन साहसिक, व्यापक AI एकीकरण और अथक नवाचार पर आधारित होना चाहिए। रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि AI केवल एक तकनीकी उन्नति नहीं बल्कि भारत के आर्थिक भविष्य की आधारशिला है।
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि सरकार, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों को मिलकर संप्रभु AI बुनियादी ढांचे का निर्माण करना चाहिए। कार्यबल का कौशल विकास और वैश्विक मानकों के अनुकूल नीतियां बनाना जरूरी है। अनुसंधान एवं विकास (R&D) में निवेश से विकास अंतर का बड़ा हिस्सा पाटा जा सकता है। साथ ही AI के नैतिक और जिम्मेदार उपयोग को सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
रिपोर्ट का मुख्य संदेश है कि 8% विकास का रास्ता निर्णायक AI अपनाने और नवाचार से होकर गुजरता है। विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में AI एक महत्वपूर्ण उपकरण साबित होगा। यह तकनीक न केवल भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी बल्कि उसे वैश्विक AI नेतृत्व में भी अग्रणी बनाएगी।

