वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हमला: डोनाल्ड ट्रंप ने मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी और देश से बाहर ले जाए जाने का किया दावा

वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हमला: मादुरो की गिरफ्तारी दावा

वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हमला: पृष्ठभूमि और ताज़ा घटनाक्रम

वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हमला एक बड़े भू-राजनीतिक संकट के रूप में उभरता दिख रहा है, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ा गया है और देश से बाहर ले जाया गया है। वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हमला को लेकर यह भी कहा गया कि अमेरिका ने इस दक्षिण अमेरिकी देश पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई सफलतापूर्वक अंजाम दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और अनिश्चितता बढ़ गई है।

ट्रंप के आधिकारिक ऐलान से कुछ घंटे पहले ही वेनेजुएला की राजधानी काराकस में देर रात लगभग 2 बजे (स्थानीय समय) जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं और आसमान में आग के गोले और धुएं के गुबार दिखाई दिए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में शहर भर में कई इमारतों में आग लगने के दृश्य दिखे, जबकि एक बड़े सैन्य बेस के पास वाले दक्षिणी हिस्से में बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें भी आईं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हमला के तहत काराकस के अलावा मिरांडा, अरागुआ और ला गुआइरा राज्यों में भी हमले दर्ज किए गए, जिससे यह संकेत मिलता है कि ऑपरेशन केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहा।


अभी पूरी खबर पढ़ें और अगला पेज तुरंत खोलें


एक क्लिक में और एक्सक्लूसिव अंतरराष्ट्रीय खबरें देखें

वेनेजुएला की प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय आपातकाल

वेनेजुएला सरकार ने आधिकारिक बयान में स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा की गई इस कार्रवाई को “सैन्य आक्रमण” मानती है और इसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने सख्ती से खारिज, निंदा और उजागर करती है। सरकार ने यह भी कहा कि वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हमला देश की संप्रभुता और जनता पर सीधा हमला है, जिसके जवाब में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा करते हुए सभी सामाजिक और राजनीतिक शक्तियों से देशव्यापी लामबंदी की अपील की। सरकारी बयान में दावा किया गया कि हमलों का उद्देश्य वेनेजुएला के तेल और खनिज संसाधनों पर कब्जा जमाना है, और इसी के चलते राष्ट्रपति ने सभी राष्ट्रीय रक्षा योजनाओं को सक्रिय करने और “बाहरी खतरे की स्थिति” लागू करने के आदेश दिए। राजधानी काराकस समेत जिन राज्यों में विस्फोट और आगजनी की घटनाएं दर्ज हुईं, वहां सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई और नागरिकों से संयम बनाए रखने के साथ-साथ आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई।


दुनिया भर की ब्रेकिंग अपडेट्स के लिए यहां टैप करें

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट और सैन्य तैनाती

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, काराकस और अन्य सैन्य ठिकानों पर कई निशानों को लक्ष्य बनाकर हमले किए गए, जिन्हें अमेरिकी सेना के बड़े पैमाने के ऑपरेशन का हिस्सा बताया जा रहा है। प्रमुख मीडिया नेटवर्क जैसे CBS न्यूज और फॉक्स न्यूज ने अज्ञात अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से सूचना दी कि वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हमला लंबे समय से तैयार की जा रही रणनीति का हिस्सा था, जिसमें हवाई ताकत और समुद्री मोर्चे दोनों को शामिल किया गया।

डोनाल्ड ट्रंप पहले से ही वेनेजुएला में ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ जमीनी हमलों की धमकी देते रहे हैं और उन्होंने कैरेबियन सागर में अमेरिकी नौसैनिक और हवाई उपस्थिति को काफी बढ़ा दिया था, जिसमें देश के सबसे उन्नत एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R Ford सहित कई युद्धपोत तैनात किए गए थे। सितंबर से अब तक अमेरिकी बलों ने कैरेबियन और पूर्वी प्रशांत महासागर में कई नावों पर हमले किए हैं, जिन्हें वॉशिंगटन ने ड्रग तस्करी से जुड़ा बताया है, और इन अभियानों में 100 से अधिक लोगों की मौत के साथ-साथ वेनेजुएला की तेल आपूर्ति पर दबाव बनाने के लिए दो टैंकर भी जब्त किए गए हैं। ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हमला को नशीली दवाओं की तस्करी रोकने के नाम पर उचित ठहराने की कोशिश की है, जबकि आलोचकों का आरोप है कि यह राजनीतिक सत्ता परिवर्तन की कोशिश का हिस्सा है। रिपोर्टों के अनुसार, हमलों की संख्या 30 से अधिक हो चुकी है और मृतकों की संख्या तीन अंकों में पहुंच गई है, जिससे यह अभियान केवल समुद्री लक्ष्यों तक सीमित न रहकर व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंकाओं को हवा दे रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से निकोलस मादुरो पर नशीली दवाओं के कार्टेल का सरगना होने का आरोप लगाते हुए कहा था कि उनके लिए पद छोड़ देना “स्मार्ट” कदम होगा और यह भी चेतावनी दी थी कि वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हमला और दबाव के बीच मादुरो “गिनती के दिनों” पर हैं। दूसरी ओर मादुरो बार-बार इन आरोपों को खारिज करते हुए कहते रहे हैं कि वॉशिंगटन उन पर झूठे आरोप लगाकर वेनेजुएला की विशाल तेल संपदा और प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करना चाहता है, जिसे अब खुले सैन्य आक्रमण का रूप दिया जा रहा है। मौजूदा हालात में वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हमला न सिर्फ दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को चरम तनाव पर ले गया है, बल्कि पूरे लैटिन अमेरिकी क्षेत्र के लिए अस्थिरता और संभावित मानवीय संकट की आशंकाएं भी बढ़ा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आगे संयुक्त राष्ट्र, क्षेत्रीय संगठन और बड़े देश इस टकराव को कूटनीतिक रास्ते से सुलझाने के लिए कितनी सक्रिय भूमिका निभाते हैं, ताकि स्थिति और न बिगड़े।


फुल स्टोरी और संबंधित खबरें देखने के लिए क्लिक करें


लेटेस्ट जियोपॉलिटिकल एनालिसिस और रिपोर्ट्स पाने के लिए आगे बढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
7 योगासन जो तेजी से कैलोरी बर्न कर वजन घटाएं घुटनों के दर्द से बचाव: मजबूत घुटनों के 7 टिप्स