ट्रंप ने खुद को बताया वेनेजुएला का एक्टिंग प्रेसिडेंट, मादुरो गिरफ्तारी के बाद तेल नियंत्रण का दावा
ट्रंप वेनेजुएला एक्टिंग प्रेसिडेंट: मादुरो कैद के बाद नया ट्विस्ट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रंप वेनेजुएला एक्टिंग प्रेसिडेंट होने का सनसनीखेज दावा करते हुए सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया। ट्रुथ सोशल पर शेयर की गई एडिटेड इमेज में उनकी आधिकारिक तस्वीर के नीचे ‘वेनेजुएला के एक्टिंग प्रेसिडेंट’ लिखा दिखा, जो विकिपीडिया पेज जैसा लग रहा था । यह पोस्ट वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स की अमेरिकी सेना द्वारा 3 जनवरी 2026 को गिरफ्तारी के कुछ दिनों बाद आई, जिसने अंतरराष्ट्रीय विवाद को नई ऊंचाई दे दी ।

मादुरो गिरफ्तारी के बाद क्या हुआ
मादुरो की कैद के तुरंत बाद वेनेजुएला की सुप्रीम ट्रिब्यूनल ऑफ जस्टिस ने संवैधानिक प्रक्रिया के तहत उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति बनाने का आदेश दिया, ताकि प्रशासनिक निरंतरता बनी रहे । ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि संक्रमणकाल में अमेरिका वेनेजुएला को ‘चलाएगा’ और तेल का प्रवाह शुरू करेगा । 4 जनवरी को उन्होंने घोषणा की कि अमेरिका अब ‘जिम्मेदार’ है, हालांकि विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने स्पष्ट किया कि प्रत्यक्ष प्रशासन का इरादा नहीं है । रोड्रिगेज ने अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए मादुरो को वैध नेता बताया।
ट्रंप ने जोक में मार्को रूबियो को क्यूबा का राष्ट्रपति भी बता दिया, कैप्शन के साथ ‘Sounds good to me’ लिखा । मादुरो को न्यूयॉर्क कोर्ट में नार्को-टेररिज्म के आरोपों पर पेश किया गया, जहां वे हिरासत को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बता रहे हैं अमेरिका ‘ऑयल क्वारंटाइन’ जारी रखेगा, ताकि नीतियों पर प्रभाव डाला जा सके। वेनेजुएला ने राजनीतिक कैदियों को रिहा करने का ऐलान किया, जिसका श्रेय ट्रंप ले रहे हैं । यह घटनाक्रम वैश्विक तनाव बढ़ा रहा है ।
ट्रंप का तेल नियंत्रण प्लान
ट्रंप के अनुसार, वेनेजुएला 30-50 मिलियन बैरल उच्च गुणवत्ता वाले तेल अमेरिका को देगा, जिसे बाजार में बेचा जाएगा और आय दोनों देशों के हित में लगेगी । उन्होंने ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट को योजना लागू करने का आदेश दिया। रोड्रिगेज को चेतावनी दी कि असहयोग पर ‘भारी कीमत’ चुकानी पड़ेगी । ट्रंप वेनेजुएला एक्टिंग प्रेसिडेंट दावा घरेलू संवैधानिक प्रक्रिया को चुनौती दे रहा है, जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्थापित अंतरिम नेतृत्व को नकारता है ।

