ट्रंप ने मंजूर किया रूस तेल खरीद पर भारत पर 500% टैरिफ का बिल
ट्रंप रूस तेल खरीद पर भारत पर 500% टैरिफ बिल के समर्थन में
ट्रंप रूस तेल खरीद पर भारत पर 500% टैरिफ बिल के पक्ष में हैं। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर कड़े नए प्रतिबंध लगाने की योजना को हरी झंडी दी है। यह कदम 2022 से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिश का हिस्सा है। ट्रंप रूस तेल खरीद पर भारत पर 500% टैरिफ बिल, जिसे सैंक्शनिंग रूस एक्ट ऑफ 2025 कहा जा रहा है, रूस मूल के यूरेनियम और पेट्रोलियम उत्पादों के जानबूझकर आदान-प्रदान करने वाले देशों पर 500% तक टैरिफ लगाने की धमकी देता है। ग्राहम ने बुधवार को ट्रंप से बैठक के बाद एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया कि ट्रंप ने इस द्विपक्षीय बिल को मंजूरी दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले सप्ताह मजबूत द्विपक्षीय वोट होगा।
After a very productive meeting today with President Trump on a variety of issues, he greenlit the bipartisan Russia sanctions bill that I have been working on for months with Senator Blumenthal and many others.
This will be well-timed, as Ukraine is making concessions for peace…
— Lindsey Graham (@LindseyGrahamSC) January 7, 2026
चीन-भारत पर दबाव बनाने का हथियार
ग्राहम के अनुसार, ट्रंप रूस तेल खरीद पर भारत पर 500% टैरिफ बिल ट्रंप को सस्ता रूसी तेल खरीदने वाले देशों को सजा देने की शक्ति देगा। उन्होंने कहा कि यह तेल पुतिन की युद्ध मशीन को ईंधन दे रहा है। यह विधेयक चीन, भारत और ब्राजील जैसे देशों पर जबरदस्त दबाव डालेगा ताकि वे सस्ता रूसी तेल खरीदना बंद करें, जो यूक्रेन पर पुतिन के खूनी हमलों का वित्तपोषण कर रहा है। ग्राहम और सीनेटर रिचर्ड रिचर्ड ब्लूमेन्था द्वारा तैयार यह बिल प्रशासन को रूस के तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य निर्यात खरीदने वाले देशों पर टैरिफ और द्वितीयक प्रतिबंध लगाने की अनुमति देता है। इसका मकसद रूस की सैन्य कार्रवाइयों के लिए वित्तीय सहायता काटना है। पहले ग्राहम ने संकेत दिया था कि ट्रंप ने बिल को मंजूर किया, लेकिन इसमें बाधाएं आईं।
यूक्रेन शांति प्रयासों से जुड़ा बिल
ग्राहम ने कहा, यह बिल सही समय पर आएगा क्योंकि यूक्रेन शांति के लिए रियायतें दे रहा है और पुतिन केवल बातें कर रहा है, निर्दोषों की हत्या जारी रखे हुए है। ट्रंप ने पदभार संभालते ही युद्ध खत्म करने का वादा किया था। अब प्रशासन रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता करा रहा है। विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर मुख्य वार्ताकार हैं। ब्लूमबर्ग के अनुसार, अमेरिकी कांग्रेस में इस प्रतिबंध बिल का पारित होना लंबे समय से अटका था क्योंकि ट्रंप पहले शांति सौदा कूटनीतिक प्रयासों से हासिल करना चाहते थे। ट्रंप प्रशासन अब इस बिल से रूस पर दबाव बढ़ाने की रणनीति अपना रहा है।
यह ट्रंप रूस तेल खरीद पर भारत पर 500% टैरिफ बिल वैश्विक ऊर्जा व्यापार और भू-राजनीति को प्रभावित कर सकता है। भारत जैसे उभरते देशों को अपनी तेल खरीद नीति पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है।

