इजरायल हाई अलर्ट पर: ईरान में अमेरिकी हस्तक्षेप की बढ़ती आशंका
इजरायल हाई अलर्ट पर: ईरान में अमेरिकी हस्तक्षेप की आशंका
इजरायल हाई अलर्ट पर है क्योंकि ईरान में चल रहे बड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी हस्तक्षेप की संभावना तेजी से बढ़ती दिख रही है। रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली सुरक्षा तंत्र ने हाल के दिनों में कई उच्चस्तरीय बैठकों के बाद स्थिति का गहन आकलन किया है और क्षेत्र में किसी भी अचानक सैन्य या राजनीतिक कदम के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं, जिसके चलते इजरायल हाई अलर्ट पर बना हुआ है।
ईरान में प्रदर्शन और ट्रंप की चेतावनियां
ईरान इस समय हाल के वर्षों के सबसे बड़े विरोध प्रदर्शनों का सामना कर रहा है, जहां हजारों लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं और कड़े राजनीतिक तथा आर्थिक सुधारों की मांग कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के दिनों में कई बार चेतावनी दी है कि यदि ईरानी शासक शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग करते हैं तो इसका गंभीर परिणाम हो सकता है और अमेरिका “मदद के लिए तैयार” है। ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को “बहादुर लोग” बताते हुए सीधे संदेश में कहा कि वे स्वतंत्रता के लिए संघर्ष जारी रखें, साथ ही इशारा किया कि स्थिति बिगड़ने पर अमेरिकी हस्तक्षेप की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिससे इजरायल हाई अलर्ट पर रहने को मजबूर है।
इजरायली सुरक्षा तैयारी और जून की 12 दिनी जंग
इजरायल के तीन वरिष्ठ स्रोतों के अनुसार, हालिया सुरक्षा बैठकों में यह मानकर तैयारी की जा रही है कि यदि अमेरिका ईरान के खिलाफ किसी प्रकार की सैन्य कार्रवाई या सीमित ऑपरेशन पर विचार करता है तो क्षेत्रीय प्रतिक्रिया का सीधा असर इजरायल पर पड़ सकता है, इसलिए इजरायल हाई अलर्ट पर है। इन स्रोतों ने स्पष्ट नहीं किया कि व्यावहारिक रूप से यह हाई अलर्ट किस रूप में दिखाई देगा, लेकिन अनुमान है कि सीमा सुरक्षा, वायु रक्षा और खुफिया निगरानी से जुड़े इंतजामों को मजबूत किया गया है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित कदम पर तत्काल प्रतिक्रिया दी जा सके। ध्यान देने योग्य है कि इजरायल और ईरान के बीच जून में 12 दिन तक चला युद्ध हाल ही में समाप्त हुआ था, जिसमें अमेरिका ने भी इजरायल के साथ मिलकर ईरान के ठिकानों पर हवाई हमले किए थे, और उसी पृष्ठभूमि में मौजूदा तनाव ने इजरायल हाई अलर्ट पर रहने की जरूरत बढ़ा दी है।
इस युद्ध के बाद से दोनों देशों के बीच अविश्वास और दुश्मनी का स्तर और गहरा हो गया है, क्योंकि इजरायल लंबे समय से ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को अपनी सुरक्षा के लिए प्रत्यक्ष खतरा मानता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के नाम पर किसी तरह की खुली सैन्य कार्रवाई करता है, तो ईरान की संभावित प्रतिक्रिया में इजरायल को लक्ष्य बनाया जा सकता है, इसलिए रणनीतिक मजबूरी के तहत इजरायल हाई अलर्ट पर है।
ईरानी नेतृत्व पहले ही अमेरिका और उसके सहयोगियों पर देश के अंदर अशांति भड़काने का आरोप लगा चुका है और चेतावनी दी है कि किसी भी बाहरी हमले का जवाब “कठोर और व्यापक” होगा, जिसमें क्षेत्र के अमेरिकी ठिकानों के साथ-साथ इजरायल भी शामिल हो सकता है। ईरान के कट्टरपंथी गुटों ने विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों और उनका समर्थन करने वालों को “राष्ट्र के दुश्मन” और “ईश्वर के शत्रु” तक बताया है, जिससे संकेत मिलता है कि आंतरिक दमन के साथ-साथ बाहरी टकराव की स्थिति भी और तनावपूर्ण हो सकती है।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है और कई देश संयम बरतने की अपील कर रहे हैं ताकि ईरान के भीतर पैदा हुआ यह संकट किसी बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में न बदल जाए, क्योंकि ऐसी किसी भी गलती का सीधा असर पश्चिम एशिया की स्थिरता पर पड़ेगा। कूटनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि अगर अमेरिका केवल राजनीतिक दबाव और प्रतिबंधों तक सीमित रहता है तो तनाव नियंत्रित रह सकता है, लेकिन जैसे ही सैन्य विकल्प टेबल पर गंभीरता से आएंगे, इजरायल हाई अलर्ट पर रहने के साथ-साथ अन्य क्षेत्रीय देशों को भी सुरक्षा समीकरण नए सिरे से तय करने पड़ेंगे।
फिलहाल, इजरायल की आधिकारिक नीति यह दिखाने की है कि वह सीधे तौर पर ईरान के भीतर चल रही गतिविधियों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहता, लेकिन पृष्ठभूमि में सुरक्षा तैयारी और खुफिया सतर्कता बढ़ाकर उसने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि किसी भी अप्रत्याशित अमेरिकी कदम की कीमत उसे भी चुकानी पड़ सकती है। विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शनों की तीव्रता, ईरान की आंतरिक कार्रवाई और अमेरिका तथा उसके सहयोगियों की रणनीति यह तय करेगी कि क्या मौजूदा तनाव सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रहता है या फिर यह किसी बड़े सैन्य टकराव की दिशा में बढ़ता है, जिसमें इजरायल हाई अलर्ट पर रहने के बावजूद सीधे खतरे के दायरे में आ सकता है।

