भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: 2 अरब लोगों का बाजार, $135 अरब व्यापार
भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: मदर ऑफ ऑल डील्स
भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के अंतिम चरण में पहुंच गया है। विश्व आर्थिक मंच के दावोस सम्मेलन में यूरोपीय आयोग अध्यक्ष यूर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यह सौदा 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा, जो वैश्विक जीडीपी का लगभग एक चौथाई होगा। गणतंत्र दिवस से ठीक पहले उनकी यह घोषणा महत्वपूर्ण है।
यूर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, “मैं भारत जा रही हूं। अभी काम बाकी है, लेकिन हम भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के कगार पर हैं। इसे कुछ लोग ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहते हैं।” यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत और यूरोपीय देशों पर टैरिफ थोप रहे हैं। वॉन डेर लेयेन ने जोर दिया कि भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच यूरोप को स्वतंत्र बनाना जरूरी है। यूरोपीय परिषद अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और वॉन डेर लेयेन 25 से 27 जनवरी तक भारत के गणतंत्र दिवस मुख्य अतिथि के रूप में आएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिखर सम्मेलन में भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर समझौता घोषित हो सकता है। वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यह यूरोप को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते महाद्वीप के साथ पहला लाभ देगा।
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भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का महत्व
यूरोपीय संघ पहले से भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2023-24 में द्विपक्षीय व्यापार 135 अरब डॉलर रहा। भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट इन संबंधों को और मजबूत करेगा। 2007 में शुरू हुई बातचीत 2013 में रुकी थी, लेकिन जून 2022 में फिर शुरू हुई। ट्रंप की व्यापार नीतियों के बीच यह सौदा दोनों के लिए राहत है। वॉन डेर लेयेन ने कहा, “भू-राजनीतिक झटके अवसर बन सकते हैं।” यह समझौता लैटिन अमेरिका से इंडो-पैसिफिक तक यूरोप के व्यापार विस्तार को बढ़ावा देगा। भारत और EU 2004 से रणनीतिक साझेदार हैं।
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रक्षा समझौता और रणनीतिक एजेंडा भी
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के अलावा, शिखर सम्मेलन में रक्षा ढांचा समझौता और रणनीतिक एजेंडा लॉन्च हो सकता है। रूस-यूक्रेन युद्ध पर वॉन डेर लेयेन ने कहा कि चार साल बाद भी रूस पीछे नहीं हटा। यूक्रेन को मजबूत बनाकर शांति प्रक्रिया में मदद करेंगे, जिसमें अमेरिका का सहयोग लेंगे। यह सौदा भारत के लिए आर्थिक अवसरों के द्वार खोलेगा। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाले देश के साथ EU का यह कदम वैश्विक व्यापार को नई दिशा देगा। गणतंत्र दिवस पर होने वाली घोषणा से दोनों पक्षों को लाभ होगा।

