ईरान का दुनिया के सबसे बड़े LNG प्लांट पर मिसाइल हमला: ट्रंप ने इजरायल को रोका

कतर के रास लाफान पर ईरान का हमला, दुनिया का सबसे बड़ा LNG प्लांट प्रभावित

ईरान का कतर LNG प्लांट पर हमला: क्या हुआ?

ईरान का कतर LNG प्लांट पर हमला वैश्विक ऊर्जा बाजारों में भूचाल ला दिया। 19 मार्च 2026 को गुरुवार की सुबह कतर एनर्जी ने बयान जारी कर बताया कि ईरान ने रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइलें दागीं, जो दुनिया का सबसे बड़ा LNG प्लांट है। यह हमला अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष में नया मोड़ है। कतर की सबसे बड़ी ऊर्जी कंपनी ने पुष्टि की कि पर्ल गैस-टू-लिक्विड्स (GTL) प्लांट को 18 मार्च को हुए पहले हमले से भारी नुकसान हुआ, और 19 मार्च को कई LNG सुविधाओं को निशाना बनाया गया।

कतर ने इन हमलों की निंदा की, इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, नेविगेशन और पर्यावरण के लिए खतरा करार दिया। हमलों से बड़ी आग लगी और भारी क्षति हुई, लेकिन आपातकालीन टीमें तुरंत लगीं और कोई हताहत नहीं हुआ। ईरान का कतर LNG प्लांट पर हमला इजरायल के साउथ पार्स और असलूयेह गैस फील्ड्स पर हमले का सीधा बदला था।

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ईरान ने क्यों निशाना बनाया रास लाफान?

रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने इजरायल के साउथ पार्स पर हमले के जवाब में यह कदम उठाया। साउथ पार्स दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस क्षेत्र है, जिसमें 1,800 ट्रिलियन क्यूबिक फीट गैस भंडार है, जो वैश्विक मांग को एक दशक से ज्यादा पूरा कर सकता है। यह ईरान के गैस उत्पादन का 75% हिस्सा है और पेट्रोकेमिकल्स व पेट्रोल के लिए महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र कतर के साथ साझा है, जहां इसे नॉर्थ फील्ड कहा जाता है।

इसके अलावा, इजरायल ने इस हफ्ते ईरान के तीन शीर्ष अधिकारियों को मार गिराया। 18 मार्च को इंटेलिजेंस मंत्री इस्माइल खातिब की हत्या हुई, जबकि मंगलवार को सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी और बसीज कमांडर गोलामरेजा सुलेमानी मारे गए। संघर्ष अब आर्थिक जीवनरेखाओं, खासकर ऊर्जा केंद्रों पर केंद्रित हो गया है। ईरान ने पहले सऊदी अरब, कतर और UAE के ऊर्जा प्लांट्स को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी।

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ट्रंप का रुख बदला: इजरायल को फटकार

हमलों के बाद पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना लहजा नरम किया। उन्होंने इजरायल के साउथ पार्स हमले से अमेरिका को अलग किया और इजरायल से भविष्य में ऐसे हमले न करने को कहा। कतर अमेरिका का प्रमुख सहयोगी है, और इसके ऊर्जा ढांचे पर खतरा गंभीर होता। कतर के विदेश मंत्रालय ने पहले इजरायल की निंदा की थी। ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिका को इजरायल के हमले की जानकारी नहीं थी, और ईरान का कतर LNG प्लांट पर हमला गलतफहमी पर आधारित है।

ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि अगर कतर पर आगे हमला हुआ तो अमेरिका ईरान के गैस ढांचे पर भारी जवाब देगा। “इजरायल इस महत्वपूर्ण सुविधा पर अब हमला नहीं करेगा, जब तक ईरान निर्दोष कतर पर हमला न करे,” उन्होंने लिखा। रास लाफान दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LNG निर्यातक है, जो बिजली उत्पादन और उद्योगों के लिए ईंधन सप्लाई करता है। आगे बढ़त से वैश्विक प्राकृतिक गैस संकट हो सकता है। ईरान का कतर LNG प्लांट पर हमला क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है।

Disclaimer: यह समाचार लेख विभिन्न ऑनलाइन स्रोतों और समाचार एजेंसियों से प्राप्त जानकारी के संकलन पर आधारित है।

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