अमेरिकी-यूक्रेनी गिरफ्तारी: UAPA के तहत 11 दिन हिरासत, म्यांमार में ट्रेनिंग का खुलासा

NIA ने अमेरिकी-Uक्रेनी गिरफ्तारी की, 11 दिन हिरासत में भेजा

अमेरिकी-यूक्रेनी गिरफ्तारी में NIA की बड़ी कार्रवाई

अमेरिकी-यूक्रेनी गिरफ्तारी का मामला सामने आया है, जहां राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक अमेरिकी नागरिक समेत सात विदेशियों को अवैध गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया। ये आरोपी मिजोरम के प्रतिबंधित क्षेत्रों से होकर म्यांमार में घुस गए थे और वहां जातीय हथियारबंद संगठनों (EAOs) व भारत में प्रतिबंधित गुटों को ट्रेनिंग दे रहे थे। दिल्ली की विशेष NIA अदालत ने अमेरिकी-यूक्रेनी गिरफ्तारी के सभी आरोपियों को 11 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिक हुरबा पेट्रो, स्लिवियाक तारास, इवान सुकमानोवस्की, स्टेफंकिव मारियन, हॉनचारुक माक्सिम तथा कामिंस्की विक्टर पर UAPA की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है।

अमेरिकी दूतावास ने कहा कि वह स्थिति से अवगत है, लेकिन गोपनीयता के कारण अमेरिकी नागरिकों से जुड़े मामलों पर टिप्पणी नहीं कर सकता। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि उसके छह नागरिक गिरफ्तार हैं और वह उनके परिवारों से संपर्क में है। यूक्रेन मिशन ने कहा कि भारत की सक्षम एजेंसियां जांच कर रही हैं। प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) के अनुसार, ये आरोपी मिजोरम में पर्यटक वीजा पर आए, गुवाहाटी होते हुए मिजोरम पहुंचे और बिना दस्तावेज म्यांमार में प्रवेश कर गए। वहां उन्होंने EAOs को ट्रेनिंग दी, हथियार मुहैया कराए और ड्रोन संचालन में मदद की, जो भाड़े के सैनिक जैसी गतिविधि दर्शाता है।

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म्यांमार ट्रेनिंग साजिश का बड़ा खुलासा

सूत्रों के अनुसार, 14 यूक्रेनी पर्यटक वीजा पर अलग-अलग तारीखों में भारत आए। इनका उद्देश्य म्यांमार के EAOs को ट्रेनिंग देना था, जो भारत के प्रतिबंधित उग्रवादी गुटों से जुड़े हैं। यूरोप से भारत के रास्ते म्यांमार भेजे गए कई ड्रोन इन संगठनों के उपयोग के लिए थे। यह अमेरिकी-यूक्रेनी गिरफ्तारी एक बड़ी साजिश का हिस्सा लगती है। मिजोरम के मुख्यमंत्री लालडूहोमा ने मार्च 2025 में विधानसभा में कहा था कि राज्य विदेशियों के म्यांमार ट्रांजिट रूट के रूप में गुप्त रूप से उपयोग हो रहा है। जून-दिसंबर 2024 में 2,000 विदेशी मिजोरम आए, कई पर्यटक नहीं थे और चुपके से चिन हिल्स में सैन्य ट्रेनिंग देने गए।

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मिजोरम PAP और बॉर्डर सुरक्षा का महत्व

मुख्यमंत्री ने केंद्र के संरक्षित क्षेत्र अनुमतिपत्र (PAP) दोबारा लागू करने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि म्यांमार की भू-राजनीतिक स्थिति पर चीन-अमेरिका आदि नजर रखे हैं, इसलिए मिजोरम का दुरुपयोग चिंता का विषय है। PAP अन्य राज्यों जैसे अरुणाचल, सिक्किम, मणिपुर, नागालैंड में भी लागू है। अमेरिकी-यूक्रेनी गिरफ्तारी से बॉर्डर सुरक्षा की मजबूती साफ झलकती है। यह घटना भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर संकेत देती है।

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