गोल्डन डोम, महत्वपूर्ण खनिज: ग्रीनलैंड पर ट्रंप का यू-टर्न, लेकिन इच्छा पर अड़े
ग्रीनलैंड विवाद: ट्रंप का टैरिफ यू-टर्न
ग्रीनलैंड विवाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आठ यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी से पीछे हटने का ऐलान किया है। NATO महासचिव मार्क रुटे के साथ बैठक के बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि उन्होंने ग्रीनलैंड और पूरे आर्कटिक क्षेत्र के लिए भविष्य के सौदे का ढांचा तैयार कर लिया है। यह कदम ग्रीनलैंड विवाद को सुलझाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
ट्रंप ने कहा, “यह सौदा अगर पूरा होता है तो अमेरिका और सभी NATO देशों के लिए शानदार होगा। इसी समझ के आधार पर मैं 1 फरवरी से लागू होने वाले टैरिफ नहीं लगाऊंगा।” उन्होंने गोल्डन डोम को लेकर भी चर्चा का जिक्र किया, जिसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ शामिल होंगे। ग्रीनलैंड विवाद में यह विकास रणनीतिक है।
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नया सौदा और आर्कटिक सुरक्षा
ग्रीनलैंड विवाद के तहत ट्रंप ने पश्चिमी आर्कटिक सहयोगियों के साथ नया सौदा बनाने की बात कही, जिसमें गोल्डन डोम मिसाइल रक्षा प्रणाली और महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच शामिल है। यह सौदा रूस और चीन की आर्कटिक महत्वाकांक्षाओं को रोक सकता है। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, “यह हर किसी के लिए सुखद सौदा है। यह लंबे समय का सौदा है, जो सुरक्षा और खनिजों के मामले में सबको मजबूत बनाएगा।”
यूरोपीय अधिकारी के अनुसार, डेनमार्क और NATO अमेरिका के साथ ग्रीनलैंड पर अधिक सैन्य अड्डे बनाने पर विचार कर रहे हैं, हालांकि यह ढांचे में शामिल है या नहीं, स्पष्ट नहीं है। NATO प्रमुख रुटे ने फॉक्स न्यूज को बताया कि ग्रीनलैंड विवाद में डेनमार्क के साथ रहने का मुद्दा चर्चा में नहीं आया। उन्होंने कहा, “ट्रंप आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा पर केंद्रित हैं, जहां चीन और रूस सक्रिय हो रहे हैं।”
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डेनमार्क की प्रतिक्रिया और डावोस भाषण
डेनिश विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने ट्रंप के फैसले का स्वागत किया, लेकिन कहा कि डेनमार्क की संप्रभुता और ग्रीनलैंडवासियों के आत्मनिर्णय权 का सम्मान जरूरी है। उन्होंने कहा, “अब बैठकर अमेरिकी सुरक्षा चिंताओं को हल करें, लेकिन डेनमार्क की लाल रेखाओं का पालन करें।” ग्रीनलैंड विवाद में यह संतुलन महत्वपूर्ण है। डावोस भाषण में ट्रंप ने ग्रीनलैंड को मुख्य विषय बनाया, हालांकि यह अमेरिकी आवास मूल्यों पर केंद्रित था। उन्होंने ग्रीनलैंड को आइसलैंड तक कह दिया और इसे “उत्तर अमेरिका का हिस्सा” बताया। ट्रंप ने कहा, “यह ठंडा और खराब स्थान वाला क्षेत्र है, लेकिन हम WWII में यूरोप को बचा चुके हैं। बल प्रयोग नहीं करेंगे, लेकिन याद रखेंगे।” उन्होंने अमेरिकी सेना की ताकत का जिक्र किया, जिसमें वेनेजुएला के निकोलास मादुरो को पकड़ना शामिल है।
ट्रंप की यह रणनीति ग्रीनलैंड विवाद को आर्थिक और सैन्य लाभ से जोड़ती है। सौदा लंबित है, और आगे की चर्चाएं जारी रहेंगी। यह वैश्विक भू-राजनीति को प्रभावित कर सकता है।

