दुबई में हूं: उस्मान हादी हत्या केस में आरोपी फैसल करीम मसूद का बड़ा दावा

दुबई से फैसल मसूद का दावा: उस्मान हादी हत्या केस में नया मोड़

उस्मान हादी हत्या केस में दुबई से नया वीडियो दावा

उस्मान हादी हत्या केस में आरोपी फैसल करीम मसूद ने नए वायरल वीडियो में दावा किया है कि वह दुबई में हैं और उस्मान हादी की हत्या से उनका कोई लेना-देना नहीं है। वह कहते हैं कि उस्मान हादी हत्या केस में उनका नाम एक सोची-समझी साजिश के तहत जोड़ा जा रहा है और पूरी कहानी मनगढ़ंत है। इस दावे ने बांग्लादेश पुलिस के इस आरोप पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आरोपी भारत के जरिए फरार हुए थे।

वीडियो संदेश में फैसल करीम मसूद खुद को आईटी फर्म के मालिक और बांग्लादेश के वित्त मंत्रालय के पूर्व कर्मचारी बताते हैं। उनके मुताबिक, उस्मान हादी के साथ उनका रिश्ता केवल कारोबारी था और वह उन्हें नौकरी और दूसरे कॉन्ट्रैक्ट दिलाने के नाम पर पैसे दे रहे थे। मसूद का कहना है कि उस्मान हादी हत्या केस को गलत दिशा देने के लिए उन्हें और उनके परिवार को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।

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फैसल मसूद का दावा: जमत से जुड़ा षड्यंत्र और परिवार की पीड़ा

वायरल वीडियो में फैसल करीम मसूद साफ शब्दों में कहते हैं, “मैं फैसल करीम मसूद, साफ करना चाहता हूं कि मेरा उस्मान हादी हत्या केस से किसी भी तरह का संबंध नहीं है। यह केस पूरी तरह झूठा और गढ़ी हुई साजिश पर आधारित है।” उनका कहना है कि झूठे फंसाए जाने की वजह से उन्हें देश छोड़कर बड़ी मुश्किल से दुबई आना पड़ा, जबकि उनके पास पहले से पांच साल के लिए मल्टीपल-एंट्री दुबई वीज़ा भी था। वह यह भी आरोप लगाते हैं कि उनके परिवार को बेगुनाह होने के बावजूद प्रताड़ित किया जा रहा है और उन्हें अमानवीय व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है।

मसूद बताते हैं कि वह उस्मान हादी के दफ्तर गए थे, जहां उन्होंने नौकरी के अवसर के लिए मुलाकात की थी। उनके अनुसार, उन्होंने हादी को नौकरी दिलाने और सरकारी संपर्कों के लिए 5 लाख टका एडवांस के रूप में दिए थे और समय-समय पर उनके कार्यक्रमों के लिए चंदा भी देते रहे। मसूद का आरोप है कि जिस छात्र नेता की वह मदद कर रहे थे, वही जमत विचारधारा से प्रभावित था और उस्मान हादी की हत्या जमत से जुड़े तत्वों ने की। वह दावा करते हैं कि न वह और न ही उनका छोटा भाई उस मोटरसाइकिल पर सवार थे, जिसे हमले में इस्तेमाल किया गया बताया जा रहा है।

उस्मान हादी हत्या केस से जुड़े इस वीडियो ने बांग्लादेश में नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ बांग्लादेशी पुलिस का दावा है कि फैसल करीम मसूद और एक अन्य आरोपी हालुआघाट बॉर्डर के रास्ते भारत में घुसे और मेघालय क्षेत्र में छिपे हैं, वहीं मसूद दुबई में होने की बात कर रहे हैं। दूसरी ओर, भारत की ओर से सुरक्षा एजेंसियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सीमा पार किसी तरह की अवैध आवाजाही के पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं।

उस्मान हादी, बांग्लादेश के छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक थे, जिन्हें ढाका में 12 दिसंबर को नकाबपोश हमलावरों ने सिर में गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। कुछ दिनों बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई। उनकी मौत के बाद ढाका में प्रदर्शन तेज हो गए, कई अखबारों और प्रगतिशील सांस्कृतिक संगठनों के दफ्तरों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं, साथ ही मयमनसिंह क्षेत्र में एक हिंदू फैक्ट्री वर्कर की भी भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई।

उस्मान हादी हत्या केस के राजनीतिक और कूटनीतिक साये भी गहराते दिख रहे हैं। बांग्लादेश के कुछ वर्ग भारत कनेक्शन का आरोप लगाकर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, तो भारत ने इन दावों को सिरे से खारिज कर “झूठी कहानी” बताया है। इस बीच, मसूद के लगातार सामने आ रहे वीडियो बयान और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित दुबई वीज़ा की फोटो ने जांच की दिशा पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

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