पीएम मोदी का इजरायल दौरा: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच मजबूत सुरक्षा MoU
पीएम मोदी इजरायल दौरा का महत्व
पीएम मोदी इजरायल दौरा अमेरिका-ईरान तनाव के बीच एक मजबूत संदेश है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तेल अवीव पहुंचने पर भारत और इजरायल अपने संबंधों को नई ऊंचाई देंगे। इस दौरे के दौरान दोनों देश सुरक्षा MoU पर हस्ताक्षर करेंगे, जो भारतीय और इजरायली रक्षा उद्योग को भारत में हथियार प्रणालियों के सह-विकास की अनुमति देगा। यह तकनीकी गोपनीयता के साथ होगा। 26 साल पहले, 17 जून 1999 को कारगिल युद्ध में भारतीय वायुसेना के मिराज-2000 H ने इजरायली लाइटनिंग पॉड्स का उपयोग कर पाकिस्तानी घुसपैठियों को ड्रास और बटालिक सेक्टर में नष्ट किया। इन पॉड्स ने लक्ष्य को चिन्हित कर लेजर गाइडेड बमों से दुश्मन के शिविर और लॉजिस्टिक्स को तबाह कर दिया। यह कदम खेल बदलने वाला साबित हुआ, जिससे पाकिस्तानी प्रतिरोध टूट गया। तत्कालीन पाकिस्तानी नेता जनरल परवेज मुशर्रफ और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ स्तब्ध रह गए।
इजरायली तकनीक का भारतीय अभियानों में योगदान
उरी सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट का ऑपरेशन बांदर और पिछले मई का ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने इजरायली प्रिसिजन गाइडेड मिसाइल्स, लॉयटरिंग एम्युनिशन और लेजर गाइडेड बमों का इस्तेमाल कर पाकिस्तानी आतंकी शिविरों को नेस्तनाबूद किया। कारगिल के बाद से भारतीय सशस्त्र बलों ने सर्चर मार्क 11 से लेकर हेरॉन-टीपी जैसे इजरायली ड्रोन से दुश्मन क्षेत्र की निगरानी की है। पीएम मोदी इजरायल दौरा इन सफलताओं को मजबूत आधार देगा। प्रधानमंत्री मोदी का बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आगमन इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की निजी दोस्ती का परिणाम है। दोनों देश आर्थिक सहयोग को वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर गहरा करेंगे। इस साझेदारी का सबसे बड़ा पहलू नेताओं और देशों के बीच विश्वास है।
मध्य पूर्व में भारत की मजबूत स्थिति
यह विश्वास भारत के खाड़ी सहयोगी संयुक्त अरब अमीरात पर भी लागू होता है। भारत, इजरायल और यूएई अब एक-दूसरे के साथ तालमेल बिठा चुके हैं। तीनों आतंकवाद पर एकजुट हैं और धर्म को राजनीतिक हथियार बनाने से जनता का डी-रेडिकलाइजेशन मानते हैं। 1979 की ईरानी क्रांति के बाद से राजनीतिक इस्लाम और क्षेत्रीय शक्तियों के आतंकी प्रॉक्सी ने मध्य पूर्व को अस्थिर रखा है। भारत और इजरायल कई मुद्दों पर एकमत हैं। यूएई के साथ मिलकर वे भारत-मध्य पूर्व आर्थिक कॉरिडोर को बढ़ावा दे रहे हैं, जो 21वीं सदी का नया सिल्क रोड बनेगा। अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर होने के समय पीएम मोदी इजरायल दौरा कर दुनिया को संदेश दे रहे हैं कि भारत हमेशा मित्रों के साथ खड़ा रहता है।

