ईरान हमलों के कारण दुबई एयरपोर्ट पर ऐतिहासिक ठहराव: 1200 से घटकर महज 20 उड़ानें
दुबई एयरपोर्ट पर ईरान हमलों के कारण अभूतपूर्व संकट पैदा हो गया है। सामान्यतः 24 घंटे निर्बाध रूप से संचालित होने वाला यह विश्व का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा अब बुरी तरह प्रभावित है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से कई देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया, जिससे दुबई एयरपोर्ट की उड़ानें लगभग रुक सी गई हैं। यात्रियों के लिए यह बड़ा झटका है, क्योंकि यूरोप, एशिया और भारत से आने वाली फ्लाइट्स कैंसल हो रही हैं या बीच रास्ते डायवर्ट कर दी जा रही हैं।
2 मार्च को मात्र 20 मूवमेंट्स: टेकऑफ और लैंडिंग का आंकड़ा
फ्लाइटराडार24 के आंकड़ों के अनुसार, 2 मार्च 2026 को दुबई एयरपोर्ट पर कुल 20 विमान मूवमेंट्स दर्ज किए गए। इनमें 16 टेकऑफ और सिर्फ 4 लैंडिंग शामिल थीं। तुलनात्मक रूप से, सामान्य दिनों में यह संख्या 1200 से अधिक होती है। पिछले सप्ताह ही 5,654 मूवमेंट्स हुए थे, जिनमें 2,830 टेकऑफ और 2,824 लैंडिंग थीं। 27 फरवरी को 1,257, 26 फरवरी को 1,240 और 25 फरवरी को 1,236 मूवमेंट्स रिकॉर्ड हुए थे। दुबई एयरपोर्ट ईरान हमलों से इस स्तर पर ठप होना ऐतिहासिक है। चार लैंडिंग में मुंबई से एमिरेट्स की ईके501 (ए388 ए6-ईवीपी) सुबह 5:11 बजे पहुंची। बाकू से फ्लायदुबई की एफजेड968 (बी738 ए6-एफईपी) सुबह 9:52 बजे, दूसरी बाकू फ्लाइट (बी738 ए6-एफजीजी) और एफजेड970 (बी38एम ए6-एफपीआई) सुबह 8:50 बजे लैंड की। टेकऑफ में लाइपजिग और चेन्नई के लिए एमिरेट्स फ्लाइट शामिल थीं, जो क्रमशः रात 8:41 और 9:25 बजे उड़ीं।
Emirates’ Flights to Dubai from Chennai, Delhi, & Bengaluru have All Diverted Back to their Origin in India 🇮🇳
Only EK501 from Mumbai has Landed, and EK525 from Hyderabad is En-Route Dubai pic.twitter.com/WEd2gsH1RR
— AviationAll (@AviationAll_) March 3, 2026
भारतीय रूट्स पर डायवर्जन और कैंसिलेशन का दौर जारी
यह व्यवधान अब भी जारी है, जिसमें भारतीय शहर प्रभावित हो रहे हैं। चेन्नई, दिल्ली और बेंगलुरु से एमिरेट्स फ्लाइट्स को मूल शहरों में ही डायवर्ट कर दिया गया। हैदराबाद से ईके525 कैंसल हो गई, जबकि मुंबई की ईके501 ही दुबई पहुंच सकी। सामान्यतः इन मेट्रो शहरों से दुबई के लिए दर्जनों दैनिक फ्लाइट्स चलती हैं, जो व्यापार, पर्यटन और ट्रांजिट यात्रियों को ले जाती हैं। दुबई एयरपोर्ट ईरान हमलों से इस तरह ठप होने से वैश्विक विमानन क्षेत्र संकट में है।
यह समाचार लेख विभिन्न ऑनलाइन स्रोतों और समाचार एजेंसियों से प्राप्त जानकारी के संकलन पर आधारित है।

