अमेरिका की ईरान नाकाबंदी से तेल $100 पार, ट्रंप ने दी चेतावनी
अमेरिका ईरान नाकाबंदी: तेल कीमतें $100 से ऊपर
अमेरिका ईरान नाकाबंदी की घोषणा के बाद तेल कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर चढ़ गईं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने रविवार रात घोषणा की कि उनकी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य से ईरान आने-जाने वाले जहाजों को रोकेगी। इस्लामाबाद वार्ता में पाकिस्तान के मध्यस्थता के बावजूद कोई समझौता न होने पर अमेरिका ने यह कदम उठाया। CENTCOM ने कहा, सभी देशों के जहाजों पर निष्पक्ष नाकाबंदी होगी, लेकिन गैर-ईरानी बंदरगाहों के लिए होर्मुज पार करना स्वतंत्र रहेगा। ब्रेंट क्रूड वायदा भाव सोमवार सुबह 0430 GMT तक 7.3% या $6.96 की तेजी से $102.16 प्रति बैरल पहुंच गया। अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 8.4% या $8.12 उछलकर $104.69 पर बंद हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिका ईरान नाकाबंदी का असर लंबा चलेगा और तेल व पेट्रोल कीमतें नवंबर के मध्यावधि चुनाव तक ऊंची रहेंगी। CENTCOM सोमवार सुबह 10 बजे ET (भारतीय समय 7:30 बजे रात) से ईरानी बंदरगाहों पर समुद्री यातायात रोकना शुरू करेगा।
ईरानी स्पीकर का अमेरिका पर तंज
ईरानी स्पीकर मोहम्मद बागर घलीबाफ ने इस्लामाबाद वार्ता में हिस्सा लिया। उन्होंने अमेरिका ईरान नाकाबंदी से तेल कीमतों में उछाल की खबर साझा की, लेकिन वाशिंगटन पर कटाक्ष किया। व्हाइट हाउस के पास पेट्रोल पंप की ऊंची कीमतों की तस्वीर पोस्ट कर लिखा, वर्तमान पंप आंकड़ों का आनंद लो। इस तथाकथित नाकाबंदी से जल्द $4-5 प्रति गैलन पेट्रोल की याद आएगी। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि होर्मुज के पास आने वाले सैन्य जहाजों को दो सप्ताह के अमेरिकी युद्धविराम का उल्लंघन मानेंगे और कठोर जवाब देंगे। हालांकि, शनिवार को शांति समझौते के बाद पहली बार तीन लदे सुपरटैंकर होर्मुज से गुजरे। लेकिन अमेरिका ईरान नाकाबंदी से ऊर्जा आपूर्ति और बुरी तरह प्रभावित होगी। भारत जैसे देश जो ईरान व खाड़ी राष्ट्रों से तेल-गैस आयात करते हैं, वे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। संसद में पीएम नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष से चुनौती के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। सरकार ने पेट्रोल-डीजल कीमतें स्थिर रखीं और एलपीजी की कोई कमी नहीं बताई, लेकिन आपूर्ति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

