मेहिदी हसन का बीसीबी पर तीखा प्रहार: ‘हम आईसीसी टूर्नामेंट खेलते हैं इसलिए कमाते हैं’
मेहिदी हसन का बीसीबी पर तीखा प्रहार बांग्लादेश क्रिकेट जगत में छाया हुआ है। बांग्लादेश के स्टार ऑलराउंडर मेहिदी हसन मिराज ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के अधिकारियों के विवादास्पद बयानों पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि ये टिप्पणियां खिलाड़ियों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाती हैं और उनकी कमाई पर सवाल उठाती हैं। गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए मिराज ने बीसीबी के निदेशक और फाइनेंस कमिटी चेयरएमएन नजमुल इस्लाम के बयानों का खंडन किया। नजमुल ने तामिम इकबाल पर ‘भारतीय एजेंट’ जैसे आरोप लगाए और 2026 टी20 वर्ल्ड कप न खेलने पर खिलाड़ियों को आर्थिक नुकसान की बात कही। मेहिदी हसन का बीसीबी पर तीखा प्रहार इन बयानों के खिलाफ था। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हम हमेशा बोर्ड को अपना संरक्षक मानते हैं। ऐसे बयान आने पर ड्रेसिंग रूम में गहरी निराशा होती है।”
खिलाड़ियों की मेहनत से बोर्ड की कमाई
मेहिदी हसन ने यह भी खारिज किया कि खिलाड़ी टैक्सपेयर्स के पैसे पर जीते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “यह बिल्कुल गलत है। बोर्ड के पास आज जो पैसा है, वह बांग्लादेश जर्सी पहनकर खेले गए हर मैच का नतीजा है। खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत से यह कमाई हुई है। सभी को इसका उचित हिस्सा मिलना चाहिए।” मेहिदी हसन का बीसीबी पर तीखा प्रहार आर्थिक तथ्यों पर आधारित था। उन्होंने स्पष्ट किया कि बोर्ड की वित्तीय मजबूती क्रिकेट मैचों और खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर निर्भर करती है। उन्होंने आगे कहा, “हम आईसीसी टूर्नामेंट खेलते हैं और यही कारण है कि हम कमाते हैं। अगर क्रिकेट न हो, तो स्पॉन्सर नहीं आएंगे। आईसीसी की आय भी बंद हो जाएगी। बोर्ड आज जहां खड़ा है, वह खिलाड़ियों के मैदान पर उतरने से ही संभव है।” यह बयान न केवल व्यक्तिगत है, बल्कि पूरे खेल क्षेत्र के लिए शर्मनाक है।
खिलाड़ी संघ का विरोध और भविष्य की चुनौतियां
इस विवाद ने क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ बांग्लादेश (सीडब्ल्यूएबी) को भी सक्रिय कर दिया है। संघ ने नजमुल का इस्तीफा मांगा है और यदि विवाद न सुलझा तो बहिष्कार की चेतावनी दी है। खासकर 2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए स्थलों और यात्रा की अनिश्चितताओं के बीच यह विवाद और गहरा गया है। सुरक्षा चिंताओं और प्रशासनिक खींचतान ने टीम को परेशान किया है।
मेहिदी हसन ने कहा, “यह व्यक्तिगत मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे खेल जगत के लिए शर्मनाक है। ऐसी टिप्पणियां उस पद पर बैठे व्यक्ति से अस्वीकार्य हैं।” उन्होंने स्वीकार किया कि खराब प्रदर्शन पर आलोचना होती है, लेकिन जवाबदेही एकतरफा नहीं होनी चाहिए। अंत में उन्होंने दोहराया, “नहीं, हम क्रिकेट खेलकर अपनी कमाई कमाते हैं।” मेहिदी हसन का बीसीबी पर तीखा प्रहार खिलाड़ियों के सम्मान की लड़ाई बन गया है।

