पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत की: शिपिंग लेन खुली, सुरक्षित रखें जरूरी
शिपिंग लेन सुरक्षित रखें: पीएम मोदी की ईरान राष्ट्रपति से बातचीत
शिपिंग लेन सुरक्षित रखें इस महत्वपूर्ण संदेश के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बात की। यह कॉल पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बाद उनकी दूसरी बातचीत थी। पीएम मोदी ने ईद और नवरोज़ के अवसर पर शुभकामनाएं दीं तथा क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि की कामना व्यक्त की।
प्रधानमंत्री ने हालिया हमलों पर चिंता जताई, जो महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये हमले क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालते हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित कर रहे हैं। पीएम मोदी ने शिपिंग लेन सुरक्षित रखें सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें नेविगेशन की स्वतंत्रता की रक्षा और व्यापार मार्गों को अवरुद्ध न होने देना शामिल है। यह बातचीत 28 फरवरी से शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद दूसरी थी।
पश्चिम एशिया संकट में भारत की प्राथमिकताएं
इस महीने की शुरुआत में भी पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पेजेश्कियन से बात की थी। तब उन्होंने क्षेत्र में तनाव बढ़ने, नागरिकों की जान गंवाने और नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और वस्तुओं तथा ऊर्जा की निर्बाध आवाजाही भारत की शीर्ष प्राथमिकताएं बनी हुई हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र के देशों के साथ भारतीय नेतृत्व की निरंतर संलग्नता जारी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ईरानी समकक्ष सेयद अब्बास अराघची से कई दौर की बातचीत की है।
शिपिंग लेन सुरक्षित रखें संबंधी चिंताएं तब बढ़ गई हैं जब होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात बाधित हो गया है। फारस की खाड़ी में 20 से अधिक भारतीय जहाज अटके हुए हैं। पिछले सप्ताह दुर्लभ घटना में दो भारतीय LPG कैरियर जहाज- शिवालिक और नंदा देवी- ने 92,712 मीट्रिक टन LPG लादे होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत के पास ईरान के साथ भारतीय जहाजों के पारित होने का कोई सामान्य समझौता नहीं है। प्रत्येक जहाज गति व्यक्तिगत घटना है।
ब्रसेल्स में फाइनेंशियल टाइम्स को दिए साक्षात्कार में जयशंकर ने बताया कि तेहरान के साथ सुरक्षित पारगमन पर चर्चाएं जारी हैं और परिणाम मिल रहे हैं। हालिया गैस टैंकरों की गति इसका उदाहरण है, जो कूटनीतिक प्रयासों से संभव हुई। इस तरह शिपिंग लेन सुरक्षित रखें सुनिश्चित करना वैश्विक व्यापार के लिए अनिवार्य है। पीएम मोदी की यह पहल क्षेत्रीय शांति और भारत के आर्थिक हितों को मजबूत करती है।

