निशांत कुमार जदयू में शामिल हुए, नीतीश राजसभा जाएंगे; बिहार उपमुख्यमंत्री की चर्चा जोरों पर

निशांत कुमार की जदयू में एंट्री, बिहार राजनीति में नया मोड़

निशांत कुमार जदयू में शामिल

निशांत कुमार जदयू में शामिल हो गए हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने रविवार को पटना में जनता दल (यूनाइटेड) की औपचारिक सदस्यता ग्रहण की। यह कदम जदयू प्रमुख नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और मुख्यमंत्री पद खाली करने के फैसले के बाद आया है। अब सहयोगी भाजपा को यह कुर्सी मिलने की संभावना है। निशांत ने सदस्यता लेने के बाद कहा, “मैं सभी का आभारी हूं। मैं आपके विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा। पूरा बिहार और देश मेरे पिता के पिछले 20 वर्षों के कार्यों पर गर्व करता है।”

निशांत कुमार इंजीनियरिंग स्नातक हैं, ठीक अपने पिता की तरह, और उनकी उम्र 40 के दशक में है। पहले अटकलें थीं कि वे बिहार से राज्यसभा सीट के लिए जदयू के उम्मीदवार होंगे। लेकिन 75 वर्षीय नीतीश कुमार खुद ऊपरी सदन जा रहे हैं, इसलिए निशांत ने जदयू जॉइन कर लिया। यह पार्टी कार्यकर्ताओं की लंबे समय से मांग के अनुरूप है।

वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें और रणनीति

शुक्रवार को निशांत ने जदयू के वरिष्ठ नेताओं और युवा विधायकों के साथ दो लगातार बैठकें कीं। बाद में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा के आवास पर जिला अध्यक्षों से मिले। इस दूसरी बैठक में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन ‘ललन’ सिंह भी मौजूद थे, जो पार्टी के शीर्ष नेता हैं। इन बैठकों में निशांत ने जदयू की भविष्य की रणनीति पर चर्चा की, खासकर नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद आगे की राह।

बैठक में शामिल लोगों ने बताया कि निशांत कुमार को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। संजय झा ने कहा, “पार्टी आगे तय करेगी कि उनकी भूमिका क्या होगी। यह नीतीश जी की पार्टी है और उनके 20 वर्षों की विरासत को आगे बढ़ाएगी। भले ही वे राज्यसभा जाएं, बिहार सरकार 2030 तक उनकी मार्गदर्शन में चलेगी।” हरनौत से जदयू विधायक हरि नारायण सिंह, जो नीतीश के करीबी हैं, ने दावा किया कि नई सरकार में निशांत को उपमुख्यमंत्री बनाने का सर्वसम्मति से फैसला हो गया है। हालांकि अन्य विधायकों ने इसे खारिज किया।

उपमुख्यमंत्री की अटकलें और भाजपा का रोल

विधायक भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि निशांत को दी जाने वाली भूमिका पर किसी को आपत्ति नहीं। “सरकार गठन के दौरान कैबिनेट और उनकी पार्टी-सरकार में भूमिका तय होगी। सभी फैसले नीतीश कुमार लेंगे।” निशांत कुमार जदयू में शामिल होने से बिहार उपमुख्यमंत्री बनने की चर्चा तेज है। साथ ही खबरें हैं कि बिहार को पहला भाजपा से मुख्यमंत्री मिल सकता है।

जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि निशांत पार्टी और बिहार के लिए नया विकल्प हैं। “वे नीतीश कुमार के पुत्र हैं, जिनका साफ-सुथरा रिकॉर्ड उनकी ताकत होगा। लेकिन उनकी सादगी, विनम्रता और शिक्षा उन्हें अलग बनाती है। राज्य की सैर से वे राजनीति को समझेंगे और नीतीश के राज्यसभा जाने की चिंताओं को दूर करेंगे।” पार्टी के भीतर यह महसूस हो रहा है कि नीतीश की मौजूदगी और निशांत की स्वीकार्यता से उन्हें राजनीति की चुनौतियों के लिए समय मिलेगा, भले ही पिता के स्वास्थ्य की चिंता हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
7 योगासन जो तेजी से कैलोरी बर्न कर वजन घटाएं घुटनों के दर्द से बचाव: मजबूत घुटनों के 7 टिप्स