महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव में BJP की पूरी बढ़त, BMC पर भी महायुति का कब्ज़ा
महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव परिणाम: BMC में महायुति का परचम
महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव परिणाम ने राज्य की शहरी राजनीति की दिशा और दशा बदल दी है, जहां महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव परिणाम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) पर ऐतिहासिक जीत के साथ अपना परचम लहराया। इस प्रदर्शन के साथ ही भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने करीब तीन दशकों से देश की सबसे अमीर नगर निकाय माने जाने वाली BMC पर ठाकरे परिवार का वर्चस्व समाप्त कर दिया।
ताज़ा रुझानों के अनुसार, BMC चुनाव में 227 में से लगभग 125 सीटों पर महायुति की स्पष्ट बढ़त दिख रही है, जिससे यह साफ हो गया कि मुंबई महानगरपालिका में सत्ता परिवर्तन तय है। भाजपा-शिवसेना (शिंदे गुट) की यह जीत केवल सीटों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिवसेना (UBT) और महा विकास अघाड़ी (MVA) के लिए एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी है, जो लंबे समय से मुंबई को अपनी पारंपरिक मज़बूत ज़मीन मानते रहे हैं। ठाकरे चचेरे भाइयों की राजनीतिक नज़दीकी और पुनर्मिलन की कोशिश भी महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव परिणाम में भाजपा नेतृत्व वाली महायुति की लहर को रोकने में नाकाम रही।छोटी सी क्लिक, बड़ा फ़ायदा देखने के लिए यहां टैप करें
BMC में दलों की स्थिति और महायुति की बढ़त
BMC की 227 सीटों में से 210 सीटों के लिए उपलब्ध रुझानों में भाजपा 90 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 28 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। उधर शिवसेना (UBT) 57 सीटों पर, कांग्रेस 15 पर, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) 9 पर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) 3 पर और अन्य उम्मीदवार 8 सीटों पर आगे दिखाई दे रहे हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव परिणाम में भाजपा और उसके सहयोगियों ने मुंबई में निर्णायक बढ़त हासिल कर ली है, जबकि विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी रक्षात्मक स्थिति में पहुंच गया है। इस चुनाव में भाजपा ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ मिलकर चुनाव लड़ा, जबकि शिवसेना (UBT) और राज ठाकरे की MNS ने प्री-पोल गठबंधन के तहत साथ मिलकर मैदान में उतरने की रणनीति अपनाई। कांग्रेस ने राज्य स्तर पर शिवसेना (UBT) और NCP (SP) के साथ MVA का हिस्सा रहते हुए भी, BMC चुनाव में प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) और राष्ट्रीय समाज पक्ष (RSP) के साथ तालमेल किया, जो अंततः सीटों में बड़े लाभ में तब्दील होता नहीं दिख रहा।
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राज्य की अन्य नगर निगमों में महायुति का प्रदर्शन
महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव परिणाम केवल मुंबई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे राज्य में महायुति की मज़बूत पकड़ देखने को मिली, जहां 29 में से 25 नगर निगमों में सत्ता में आने की स्थिति बन गई है। पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनावों में भाजपा ने भारी बढ़त बनाते हुए 80 से अधिक सीटों पर बढ़त हासिल की, जबकि पवार और ठाकरे परिवारों के पुनर्मिलन के बावजूद उन्हें केवल एकल अंक में सिमटी सीटों से ही संतोष करना पड़ा।
ठाणे नगर निगम में वोटों की गिनती के दौरान रुझान यह इशारा कर रहे हैं कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना 55 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि भाजपा 25 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। यहां शिंदे गुट की शिवसेना और भाजपा एक साथ हैं, जबकि शिवसेना (UBT), MNS और शरद पवार की NCP एक अलग गठबंधन के रूप में चुनाव मैदान में उतरे। दूसरी ओर अजित पवार की NCP, कांग्रेस और वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) ने पुणे में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया, लेकिन महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव परिणाम में उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली।
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महाराष्ट्र के अन्य महत्वपूर्ण शहरी निकायों जैसे नागपुर, नवी मुंबई, नासिक, जलना और वसई-विरार में भी महायुति ने बहुमत का आंकड़ा पार करते हुए मज़बूत स्थिति बनाई है, जिससे राज्य के अधिकांश नगर निगमों में भाजपा नेतृत्व वाली सत्ता की स्थितियां और मजबूत हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषक इस परिणाम को विपक्षी महा विकास अघाड़ी में आपसी मतभेद, बहुकोणीय मुकाबलों और स्पष्ट तथा सक्षम चुनावी रणनीति के अभाव का परिणाम मान रहे हैं, जिसका सीधा लाभ महायुति को मिला।
महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव परिणाम में AIMIM ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है, विशेष रूप से मुस्लिम बहुल वार्डों में पार्टी की स्थिति मजबूत होती दिखाई दी। टीवी रिपोर्ट्स के अनुसार AIMIM 94 वार्डों में आगे चल रही है, जिनमें संभाजीनगर में 33, अमरावती में 15, मालेगांव में 20, नांदेड़ वाघाला में 14, धुले में 10 और जलना में 2 सीटों पर बढ़त शामिल है। AIMIM ने कांग्रेस के पारंपरिक शहरी वोट बैंक में सेंध लगाते हुए BMC और अन्य नगर निगमों में कांग्रेस की घटती शहरी उपस्थिति को और स्पष्ट कर दिया है।
कुल मिलाकर, महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव परिणाम इस ओर संकेत कर रहे हैं कि राज्य की शहरी राजनीति में भाजपा नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन मजबूत जनाधार के साथ उभर कर सामने आया है, जबकि MVA और पारंपरिक विपक्षी दलों की पकड़ ढीली होती जा रही है। BMC सहित 25 नगर निगमों पर नियंत्रण से महायुति को न केवल संसाधनों और नीतिगत फैसलों पर व्यापक प्रभाव की क्षमता मिलेगी, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए एक मज़बूत राजनीतिक आधार भी तैयार होगा।

