दिल्ली AQI 400 के करीब, सिर्सा की चेतावनी: प्रदूषित उद्योगों और निर्माण पर सख्त कार्रवाई
दिल्ली AQI 400 के करीब पहुंचते ही राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर की ओर बढ़ गई है और इसी बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिर्सा ने प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों और निर्माण कार्यों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
दिल्ली AQI 400 के बीच सख्त सरकारी रुख
मनजिंदर सिंह सिर्सा ने कहा कि दिल्ली में शनिवार शाम से पश्चिमी विक्षोभ और खराब मौसम की स्थिति बनने की संभावना है, जिसके चलते वायु गुणवत्ता और बिगड़ सकती है। उन्होंने बताया कि ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज 4 के लागू होने के बावजूद शहर में निर्माण कार्य जारी रहने की शिकायतें मिल रही हैं।
सिर्सा ने साफ चेतावनी दी कि ऐसे खराब मौसम में जो भी व्यक्ति या संस्था निर्माण कार्य जारी रखेगी, उसके भवनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) तथा एक्जिक्यूटिव इंजीनियर (XEN) पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली की सीमाओं के भीतर किसी भी अधिकृत या अनधिकृत क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को संचालित करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
प्रदूषित उद्योगों पर सीलिंग और कानूनी कार्रवाई
पर्यावरण मंत्री ने जोर देकर कहा कि रविवार से शहर के भीतर संचालित सभी प्रदूषणकारी उद्योगों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कदम उठाए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन करने वाले इकाइयों को सील किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रशासन हर स्तर पर कार्रवाई के लिए तैयार है।
सिर्सा ने राजधानी के नागरिकों से अपील की कि वे सरकार की ओर से लागू निर्देशों का पालन करें और प्रदूषण घटाने के अभियान में सहयोग दें, ताकि दिल्ली AQI 400 के स्तर से नीचे लाया जा सके और हवा को स्वच्छ व सुरक्षित बनाया जा सके। उन्होंने दोहराया कि निर्माण और औद्योगिक गतिविधियों पर लगाए गए प्रतिबंधों का मकसद केवल जनस्वास्थ्य की रक्षा करना है, न कि किसी को अनावश्यक रूप से निशाना बनाना।
धुंध, ठंड और बेहद खराब वायु गुणवत्ता
शनिवार को दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 398 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है और दिल्ली AQI 400 की सीमा के बेहद नजदीक है, जिसमें प्रमुख प्रदूषक PM 2.5 रहा। घने कोहरे और धुंध की चादर के बीच लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और विजिबिलिटी में कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
ठंड ने भी राजधानी की मुश्किलें बढ़ाई हैं, जहां अधिकतम तापमान 16.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से नीचे रहा। भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार रविवार को दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर शीत दिवस की स्थिति बन सकती है और सुबह के समय घना से बहुत घना कोहरा रहने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि कम तापमान, स्थिर हवाओं और नमी के कारण प्रदूषक तत्व जमीन के नजदीक फंस जाते हैं, जिससे दिल्ली AQI 400 तक पहुंचने की स्थिति जल्दी बन जाती है और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ जाते हैं। ऐसे में डॉक्टर संवेदनशील समूहों जैसे बुजुर्गों, बच्चों और सांस व हृदय रोग से पीड़ित लोगों को घर के भीतर रहने, मास्क का उपयोग करने और बाहर की गतिविधियों को सीमित करने की सलाह दे रहे हैं।
सरकार और विशेषज्ञों द्वारा बार-बार चेतावनी दी जा रही है कि लोग मानक संचालन प्रक्रियाओं, जैसे वाहनों का सीमित उपयोग, सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल, कूड़े की खुले में जलाने पर रोक और ऊर्जा की बचत जैसे कदमों को अपनाएं, ताकि आगामी दिनों में दिल्ली AQI 400 से नीचे लाया जा सके और वायु प्रदूषण के स्तर में सुधार हो सके।

