चुनाव आयोग का बंगाल में बड़ा तबादला, ममता बनर्जी सड़क पर उतरेंगी विरोध में
चुनाव आयोग का बंगाल में बड़ा तबादला: चुनाव से पहले टॉप अफसर हटाए
चुनाव आयोग का बंगाल में बड़ा तबादला ; चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई है। वेस्ट बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों की घोषणा के महज कुछ घंटों बाद ही चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी सरकार के चीफ सेक्रेटरी नंदिनी चक्रवर्ती समेत कई शीर्ष नौकरशाहों को हटा दिया। राज्य में दो चरणों में मतदान होगा- 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को, जबकि 4 मई को वोटों की गिनती होगी।
यह कदम चुनाव आयोग का बंगाल में बड़ा तबादला कहलाया जा रहा है, जिससे सियासी हलचल तेज हो गई है। आयोग ने 1993 बैच के आईएएस अधिकारी दुष्यंत नरियाला को नया चीफ सेक्रेटरी नियुक्त किया है। नंदिनी चक्रवर्ती को चुनाव से जुड़े किसी भी काम से दूर रखा गया है। इसी तरह राज्य के पुलिस प्रमुख पीयूष पांडेय की जगह सिद्धनाथ गुप्ता को लाया गया, जबकि कोलकाता पुलिस कमिश्नर सुप्रतीम सरकार को अजय कुमार नंद ने रिप्लेस किया।
चुनाव आयोग के आदेश और ममता का तीखा पलटवार
चुनाव आयोग का बंगाल में बड़ा तबादला रविवार रात जारी पत्र में दर्ज है, जिसे आयोग के सचिव सुजीत कुमार मिश्रा ने साइन किया। इसमें गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को भी हटाया गया और 1997 बैच की आईएएस अधिकारी संघमित्रा घोष को प्रिंसिपल सेक्रेटरी, होम एंड हिल अफेयर्स नियुक्त किया गया। आयोग ने साफ कहा कि हटाए गए अधिकारी चुनाव समाप्ति तक किसी भी चुनावी पद पर नहीं लगेंगे। यह निर्देश तुरंत प्रभाव से लागू होंगे और सोमवार 3 बजे तक दोनों नए अधिकारियों के जॉइनिंग की रिपोर्ट मांगी गई है।
इसके जवाब में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार शाम 4 बजे सड़क पर उतरेंगी। उन्होंने इसे केंद्र की साजिश करार दिया। तृणमूल कांग्रेस सांसद शाताब्दी रॉय ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह सत्ता के दुरुपयोग से चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, ‘बीजेपी हर हथकंडा अपना रही है। चीफ सेक्रेटरी को इसी कारण हटाया गया। जनता तृणमूल के साथ है।’
चुनाव तैयारियों की समीक्षा पर आधारित फैसला
चुनाव आयोग का बंगाल में बड़ा तबादला राज्य की चुनाव तैयारियों की समीक्षा के बाद लिया गया फैसला है। यह कदम निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया। बंगाल में सियासी जंग तेज हो चुकी है, जहां तृणमूल और बीजेपी आमने-सामने हैं। ममता बनर्जी का प्रदर्शन इस मुद्दे को और गरमा सकता है। वोटर्स की नजर अब इन तबादलों और चुनावी रणनीतियों पर टिकी है।

