चीन सीमा के पास असम में PM मोदी का हाईवे-रनवे लैंडिंग: इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा क्यों महत्वपूर्ण
इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के मोरान में राष्ट्रीय राजमार्ग पर अपने विमान की लैंडिंग की। चीन सीमा से महज 300 किलोमीटर दूर यह नई सुविधा भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करती है।
असम में इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा: रणनीतिक महत्व
असम के ऊपरी हिस्से में स्थित यह इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा (ELF) डिब्रूगढ़-मोरान खंड के राष्ट्रीय राजमार्ग 127 पर बनाई गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को इसका उद्घाटन किया। वीडियो में भारतीय वायुसेना का सु-30एमकेआई फाइटर जेट मोरान बायपास से टेकऑफ करता दिखा, जबकि पीएम और अन्य गरिमामंडल देखते रहे। यह सुविधा डिब्रूगढ़ एयरपोर्ट या चबुआ एयर फोर्स स्टेशन अनुपलब्ध होने पर वैकल्पिक लैंडिंग विकल्प प्रदान करती है। यह 4.2 किलोमीटर लंबा मजबूत कंक्रीट स्ट्रेच सैन्य और नागरिक विमानों दोनों के लिए इमरजेंसी रनवे के रूप में काम करेगा। स्थायी एयरबेस के विपरीत, जो संघर्ष में निशाना बन सकते हैं, यह हाईवे आधारित पट्टी अतिरिक्त सुरक्षा और आश्चर्यजनक संचालन की सुविधा देती है। इस स्ट्रेच पर कोई केंद्रीय विभाजक नहीं है, जिससे विमान आसानी से उतर-उड़ सकें। दोनों ओर फेंसिंग लगाई गई है और सड़क किनारे की अस्थायी संरचनाएं हटा दी गई हैं।
मोरान ELF क्यों है खास
उत्तर-पूर्व भारत की पहली इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा होने के अलावा, यह चीन सीमा के निकट होने से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। पहले भारत की ELF पश्चिमी, उत्तरी और मध्य क्षेत्रों में थीं, लेकिन मोरान ने इसे चीन मोर्चे की ओर विस्तार दिया। वायुसेना के सहयोग से बनी यह दोहरे उपयोग वाली संरचना 40 टन वजनी फाइटर जेट्स और 74 टन अधिकतम टेकऑफ वजन वाले ट्रांसपोर्ट विमानों को संभाल सकती है। यह इमरजेंसी में लैंडिंग और टेकऑफ दोनों का समर्थन करती है।उद्घा टन पर पीएम मोदी का विमान सुबह 10 बजे मोरान हाईवे पर उतरा और बाद में उड़ा। पीएमओ के अनुसार, दिल्ली से 7:15 बजे उड़े विमान ने 9:50 बजे चबुआ पहुंचकर मोरान गए। वहां 20 मिनट का एरियल डिस्प्ले देखा, जिसमें फाइटर जेट्स, ट्रांसपोर्ट प्लेन और हेलीकॉप्टर शामिल थे। फिर सी-130 से सीधे गुवाहाटी गए। असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया।
रक्षा से आगे की उपयोगिता
सैन्य महत्व के अलावा, यह इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) में उपयोगी होगी। असम और उत्तर-पूर्व बाढ़, भूस्खलन जैसी आपदाओं से ग्रस्त रहते हैं। यह हाईवे रनवे संकट में रेस्क्यू टीमों, राहत सामग्री और निकासी विमानों को तेजी से तैनात करने में मदद करेगा। संचार मंत्री ज्योतिरादitya सिंधिया ने इसे भारत की रणनीतिक संकल्प की अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि डिब्रूगढ़-मोरान स्ट्रेच सड़क से जेट्स के लिए ELF में बदल सकता है। यह सुविधा IAF को संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया की लचीलापन देती है। ऊपरी असम में बढ़ते तनाव के बीच यह सैन्य बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण जोड़ है।

