नौ ब्रिटिश यूनिवर्सिटी भारत में कैंपस खोलेंगी, मजबूत होंगे यूके-भारत शिक्षा संबंध
नौ ब्रिटिश यूनिवर्सिटी भारत में कैंपस खोलेंगी – यह खबर यूके और भारत के बीच शिक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। नौ ब्रिटिश यूनिवर्सिटी भारत में कैंपस खोलेंगी, जिससे उच्च शिक्षा, टैलेंट डेवलपमेंट और तेजी से बढ़ती क्रिएटिव इंडस्ट्री में लंबे समय के साझेदारियां बनेंगी।
ब्रिटिश काउंसिल की प्रतिनिधि एलिसन बैरेट ने विशेष साक्षात्कार में इस सहयोग की परिवर्तनकारी क्षमता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि नौ ब्रिटिश यूनिवर्सिटी भारत में कैंपस खोलेंगी, जो छात्रों, विचारों और विशेषज्ञता के दोतरफा प्रवाह को सक्षम बनाएंगी। “ब्रिटिश छात्र भारत आकर क्रिएटिव इंडस्ट्री में इंटर्नशिप करेंगे और यहां के स्केलिंग अवसरों से सीखेंगे,” उन्होंने कहा। भारत के गतिशील बाजार से वैश्विक स्तर के स्नातक तैयार होंगे।
नौ ब्रिटिश यूनिवर्सिटी भारत में कैंपस खोलेंगी: क्रिएटिव इकोसिस्टम का निर्माण
भारत में ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज की मौजूदगी केवल शिक्षा पहुंच बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अकादमी और इंडस्ट्री के एकीकृत इकोसिस्टम बनाने का माध्यम बनेगी। बैरेट ने पॉडकास्टिंग, फिल्ममेकिंग, फैशन और डिजाइन जैसे क्रिएटिव क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। “अगले दशक में हमारी यूनिवर्सिटीज के बीच क्रिएटिव इंडस्ट्रीज में मजबूत संबंध बनेंगे। संस्थानों के सहयोग से भविष्य के लिए तैयार टैलेंट तैयार होगा,” उन्होंने कहा।
यह पहल भारत की उच्च शिक्षा को अंतरराष्ट्रीयकरण करने की व्यापक रणनीति से मेल खाती है। भारत नवाचार और क्रिएटिव टैलेंट का वैश्विक केंद्र बन रहा है। यूके के लिए यह शिक्षा फुटप्रिंट बढ़ाने, विविध छात्र समूह आकर्षित करने और वैश्विक शिक्षा बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रहने का अवसर है, जो अब निर्यात-केंद्रित से सहयोगी हो गया है।
क्रिएटिव सेक्टर्स में छात्र गतिशीलता बढ़ेगी
बैरेट के अनुसार, साझेदारियां संयुक्त मास्टर्स, अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम्स से लेकर संरचित इंटर्नशिप पाथवेज तक होंगी। ब्रिटिश छात्र भारत के तेजी से बढ़ते क्रिएटिव सेक्टर्स में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे। इस बात पर ज़ोर दिया गया कि मोबिलिटी इस रिश्ते का मुख्य हिस्सा होगी, जिसमें स्टूडेंट्स दोनों देशों के बीच आएंगे-जाएंगे और संस्थान मिलकर ऐसा करिकुलम डिज़ाइन करेंगे जो असल दुनिया की इंडस्ट्री की ज़रूरतों को दिखाए। “अब नौ ब्रिटिश यूनिवर्सिटी भारत में कैंपस खोलेंगी और आने वाले वर्षों में और बढ़ेंगी,” बैरेट ने कहा। नियामक ढांचे के स्थिर होने और मांग बढ़ने से गति तेज होगी। “यूके यूनिवर्सिटीज इंडस्ट्री के साथ इकोसिस्टम का हिस्सा बनेंगी, जिससे छात्रों के बीच टैलेंट का प्रवाह वर्षों तक चलेगा।” यह कदम दोनों देशों के भविष्य को मजबूत बनाएगा।
ब्रिटिश काउंसिल की आधिकारिक वेबसाइट: https://www.britishcouncil.in/ – यूके-भारत शिक्षा साझेदारी पर नवीनतम अपडेट्स के लिए।

