RBI के नए पेमेंट नियम 2026: SMS OTP के अलावा नए 2FA विकल्प लागू होंगे
RBI के नए पेमेंट नियम 2026 डिजिटल ट्रांजेक्शन की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए लागू किए जा रहे हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने घोषणा की है कि 1 अप्रैल 2026 से घरेलू ट्रांजेक्शन और 1 अक्टूबर 2026 से क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स के लिए SMS OTP के अलावा वैकल्पिक टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) तरीकों को अपनाना अनिवार्य होगा।
RBI के नए पेमेंट नियम 2026 का उद्देश्य
RBI का कहना है कि नए डिजिटल पेमेंट नियमों के तहत SMS आधारित OTP जारी रहेगा, लेकिन अब अन्य विकल्प भी शामिल होंगे। इनमें पासवर्ड, पिन, पासफ्रेज़, कार्ड हार्डवेयर, सॉफ़्टवेयर टोकन, फिंगरप्रिंट या किसी भी प्रकार के बायोमैट्रिक्स शामिल हो सकते हैं। यह बदलाव पेमेंट सिस्टम को और सुरक्षित बनाने और ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
घरेलू और क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजेक्शन पर असर
नए ढांचे के अनुसार सभी बैंक और पेमेंट प्रोवाइडर्स को अप्रैल 2026 तक घरेलू ट्रांजेक्शन के लिए और अक्टूबर 2026 तक क्रॉस-बॉर्डर कार्ड-नॉट-प्रेज़ेंट (CNP) ट्रांजेक्शन के लिए इन नियमों का पालन करना होगा। विशेषकर विदेशों से होने वाले पेमेंट में अतिरिक्त सत्यापन की व्यवस्था की जाएगी।
सुरक्षा और जिम्मेदारी
RBI के मुताबिक, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन के किसी एक फैक्टर के प्रभावित होने पर भी दूसरा फैक्टर सुरक्षित रहना चाहिए। यदि किसी ग्राहक को नुकसान होता है और बैंक ने इन नियमों का पालन नहीं किया है, तो बैंक को ग्राहक को पूरी भरपाई करनी होगी। इसके अलावा, उच्च जोखिम वाले ट्रांजेक्शन पर अतिरिक्त जांच जैसे डिवाइस लोकेशन, व्यवहारिक पैटर्न और पिछले ट्रांजेक्शन डेटा का उपयोग किया जा सकता है।
RBI का यह कदम डिजिटल पेमेंट्स को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में अहम साबित होगा।
अधिक जानकारी के लिए आप RBI की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।

