पीएम मोदी का खास स्वागत: यूएई राष्ट्रपति का 3 घंटे का भारत दौरा
यूएई राष्ट्रपति का 3 घंटे का भारत दौरा
यूएई राष्ट्रपति का 3 घंटे का भारत दौरा आज दिल्ली में हुआ, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष रूप से एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से गले मिलकर दोस्ती का इजहार किया। पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में इसे ‘अपने भाई’ का स्वागत बताया।
Went to the airport to welcome my brother, His Highness Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan, President of the UAE. His visit illustrates the importance he attaches to a strong India-UAE friendship. Looking forward to our discussions.@MohamedBinZayed pic.twitter.com/Os3FRvVrBc
— Narendra Modi (@narendramodi) January 19, 2026
यूएई राष्ट्रपति का 3 घंटे का भारत दौरा: पृष्ठभूमि और महत्व
यह दौरा पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच आया है, जिसमें ईरान-अमेरिका संबंधों में खटास, गाजा में जारी अस्थिरता और सऊदी अरब-यूएई से जुड़े यमन संघर्ष शामिल हैं। पीएम मोदी ने स्वागत के बाद दोनों नेता एक ही कार में यात्रा की। मोदी ने पोस्ट में कहा, “एयरपोर्ट पर अपने भाई, यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का स्वागत करने गया। यह दौरा भारत-यूएई मजबूत दोस्ती के प्रति उनकी प्रतिबद्धता दर्शाता है। चर्चाओं का इंतजार है।”
पिछली उच्च स्तरीय बैठकों का आधार
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यूएई राष्ट्रपति का 3 घंटे का भारत दौरा पीएम मोदी के निमंत्रण पर हुआ है। यह हाल की उच्च स्तरीय बैठकों पर आधारित है, जैसे सितंबर 2024 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का दौरा और अप्रैल 2025 में दुबई के क्राउन प्रिंस व यूएई उप-प्रधानमंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम की यात्रा। पीएम मोदी ने कार में बैठे और गले मिलते हुए फोटो भी साझा किए। यह शेख मोहम्मद का राष्ट्रपति पद संभालने के बाद भारत का तीसरा आधिकारिक दौरा है और पिछले दशक में पांचवीं यात्रा। यह नई दिल्ली-अबू धाबी के बीच निरंतर उच्च स्तरीय संपर्क को रेखांकित करता है। साथ ही, पश्चिम एशिया में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा गाजा शांति योजना के चरण-2 की तैयारी के साथ मेल खाता है, जो गाजा प्रशासन के लिए राष्ट्रीय समिति गठित करने का लक्ष्य रखता है।
पश्चिम एशिया संकट के बीच मजबूत साझेदारी
यूएई राष्ट्रपति का 3 घंटे का भारत दौरा क्षेत्रीय तनावों के बावजूद द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का संकेत है। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और सुरक्षा सहयोग बढ़ रहा है। यह छोटा लेकिन सार्थक दौरा भारत-यूएई मित्रता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। आने वाली चर्चाएं महत्वपूर्ण मुद्दों पर रोशनी डालेंगी।
कुल मिलाकर, यह घटना वैश्विक कूटनीति में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।

