ईरान विरोध: भारतीय सुरक्षित लौटे दिल्ली, मोदी सरकार का शुक्रिया
ईरान विरोध प्रदर्शनों के बीच खतरनाक हालात का सामना कर भारतीय नागरिक शुक्रवार शाम दिल्ली लौटे। उन्होंने ईरान में व्याप्त अशांति, इंटरनेट बंदी और सरकार की कटौती को याद करते हुए भारतीय सरकार का धन्यवाद किया। भारत सरकार ने अपने नागरिकों को तत्काल ईरान छोड़ने की सलाह दी थी और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की।
ईरान विरोध: भारतीयों की भयावह अनुभव
ईरान में विरोध प्रदर्शन पिछले महीने शुरू हुए थे, जिसमें अब तक 3,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। आयतोल्लाह अली खामेनेई के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई की, जिससे पूरे देश में हाहाकार मच गया। भारतीय नागरिकों ने बताया कि सड़कों पर प्रदर्शनकारी आ जाते थे और वाहनों को रोकते थे। एक नागरिक ने कहा, “बाहर निकलते ही प्रदर्शनकारी कार के सामने आ जाते थे, थोड़ी परेशानी होती थी।”
ईरान विरोध के कारण इंटरनेट पूरी तरह बंद कर दिया गया था, जिससे परिवार से संपर्क टूट गया। “इंटरनेट बंद होने से हम परिवार को कुछ बता नहीं पाए, चिंता हुई। दूतावास से भी संपर्क नहीं हो सका,” एक भारतीय ने एएनआई को बताया। हाल ही में कनेक्टिविटी में थोड़ी सुधार की खबर है, लेकिन बंदी बरकरार है। जम्मू-कश्मीर के निवासी ने कहा, “ईरान विरोध खतरनाक थे। भारतीय सरकार ने शानदार प्रयास कर छात्रों को वापस लाया।”
भारतीय सरकार और दूतावास की भूमिका
तेहरान में भारतीय दूतावास ने छात्रों, व्यापारियों, तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी। भारत सरकार ने कहा कि वह हर जरूरी कदम उठाएगी। एक नागरिक ने उत्साह से कहा, “हालात खराब हैं, लेकिन भारत सरकार ने बहुत सहयोग किया। दूतावास ने जल्दी निकलने की जानकारी दी। मोदी जी है तो हर चीज मुमकिन है।” शिराज यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस कर रहे एक छात्र ने कहा, “वहां हालात सामान्य हैं, लेकिन इंटरनेट बंदी जारी है।”
दिल्ली एयरपोर्ट पर इंतजार कर रहे परिवारों ने भी सरकार पर भरोसा जताया। एक तीर्थयात्री का परिवार बोला, “हमेशा भारत सरकार पर विश्वास था।” ईरान सरकार की कार्रवाई से प्रदर्शन शांत हो गए हैं, लेकिन स्थिति नाजुक बनी हुई है। भारत छात्रों पर विशेष ध्यान दे रहा है।

