दिल्ली न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री: रिकॉर्ड ठंड और AQI 380, स्मॉग से हालत बदतर

दिल्ली की सड़कों पर सुबह का स्मॉग, 4.6 डिग्री न्यूनतम तापमान और खराब वायु गुणवत्ता

राष्ट्रीय राजधानी में आज दिल्ली न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री दर्ज किया गया, जिससे सुबह के समय कड़ाके की ठंड और ठिठुरन में तेज़ी आ गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार यह तापमान सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस कम रहा और इस मौसम का अब तक का सबसे कम पारा रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, यह पिछले दो वर्षों में जनवरी माह का भी सबसे कम न्यूनतम तापमान है, जिससे ठंड की तीव्रता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे पहले 16 जनवरी 2024 को दिल्ली में न्यूनतम पारा 3.5 डिग्री सेल्सियस तक गिरा था, जिसके बाद से इतनी कड़ी सर्दी अब दर्ज की गई है।

पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से नीचे रहा और दिन के समय भी सर्द हवाओं का असर महसूस किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर-पश्चिमी शीत लहर और बादलों की आवक के कारण दिन और रात, दोनों समय ठंड का प्रभाव और ज्यादा हो गया है।

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दिल्ली न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री के साथ ठंड, बारिश और स्मॉग की तिहरी मार

कड़ी ठंड के बीच राजधानी के कई हिस्सों में बौछारें भी दर्ज की गईं, जिससे सड़कें फिसलन भरी हो गईं और लोगों को आवागमन में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। हल्की से मध्यम वर्षा के बावजूद घना स्मॉग छंटने के बजाय कई इलाकों में और नीचे बैठता दिखा, जिससे दृश्यता कम रही और सुबह-दोपहर तक धुंध जैसी स्थिति बनी रही। IMD के अनुसार, बारिश के साथ तापमान में गिरावट ने ठंड को और चुभन भरा बना दिया, खासकर सुबह और देर शाम के समय। मौसम बुलेटिन में संकेत दिया गया है कि अगले कुछ दिनों तक न्यूनतम तापमान में खास राहत की संभावना नहीं है और न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री के आसपास या उससे थोड़ा ऊपर बना रह सकता है।

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दिल्ली की हवा ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में

तापमान में रिकॉर्ड गिरावट के साथ ही राजधानी की वायु गुणवत्ता भी चिंताजनक स्तर पर पहुंची हुई है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर दोहरा दबाव बन रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, गुरुवार को दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 280 रहा, जो ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। शुक्रवार सुबह 10 बजे तक समग्र AQI बढ़कर 380 तक पहुंच गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है और संवेदनशील समूहों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कम तापमान, हल्की हवा की गति और निचले स्तर पर प्रदूषकों के फंसने से वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं हो पा रहा है।

CPCB के वर्गीकरण के अनुसार, 0–50 के बीच का AQI ‘अच्छा’, 51–100 ‘संतोषजनक’, 101–200 ‘मध्यम’, 201–300 ‘खराब’, 301–400 ‘बहुत खराब’ और 401–500 ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है। इस पैमाने के हिसाब से 380 का स्तर श्वसन रोगों, बुजुर्गों, बच्चों और हृदय संबंधी मरीजों के लिए अत्यधिक हानिकारक माना जा रहा है।

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कई इलाकों में AQI 380 के आसपास

दिल्ली के कई क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता और भी ज्यादा गिरावट के साथ दर्ज की गई, जहां AQI लगातार ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बना हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार आनंद विहार जैसे इलाकों में AQI 380 के आसपास दर्ज किया गया, जबकि जहांगirpuri, द्वारका सेक्टर 8 और अशोक विहार समेत अन्य क्षेत्रों में भी स्थिति बेहतर नहीं है। स्थानीय निगरानी केंद्रों से मिले आंकड़ों के आधार पर विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि कम तापमान और घने स्मॉग के चलते आने वाले दिनों में भी प्रदूषण का स्तर ऊंचा रह सकता है। ऐसे में नागरिकों को सलाह दी जा रही है कि सुबह-शाम के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें, मास्क का उपयोग करें और प्रदूषण से बचाव के लिए चिकित्सकीय सलाह का पालन करें। सर्दी, वर्षा, घने स्मॉग और गिरती वायु गुणवत्ता के इस मिश्रित परिदृश्य में दिल्ली न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री का स्तर राजधानी के दैनिक जीवन, यातायात और स्वास्थ्य पर व्यापक असर डाल रहा है। मौसम और प्रदूषण विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय उत्सर्जन पर नियंत्रण, निर्माण गतिविधियों में कमी और स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देकर ही इस स्थिति को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

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