यूक्रेन हमले के दावे पर पुतिन आवास को लेकर पीएम मोदी की गहरी चिंता
पुतिन आवास पर यूक्रेन हमला: पीएम मोदी की गहरी चिंता
पुतिन आवास पर यूक्रेन हमला संबंधी खबरों पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मौजूदा हालात में सभी पक्षों को संयम बरतते हुए कूटनीतिक प्रयासों पर ही ध्यान देना चाहिए। रूस‑यूक्रेन युद्ध की शुरुआत फरवरी 2022 से ही भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के रास्ते से समाधान की बात दोहराता रहा है, और इसी संदर्भ में पुतिन आवास पर यूक्रेन हमला के कथित प्रयास ने नए तनाव को जन्म दे दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि रूसी संघ के राष्ट्रपति के आवास को निशाना बनाए जाने की रिपोर्टों ने उन्हें गहराई से चिंतित किया है। उनके अनुसार, चल रही कूटनीतिक पहल ही शत्रुता समाप्त करने और स्थायी शांति तक पहुंचने का सबसे व्यावहारिक रास्ता है। मोदी ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि वे इन प्रयासों से ध्यान भटकाने वाले किसी भी कदम से बचें और संवाद की प्रक्रिया को कमजोर न होने दें, क्योंकि पुतिन आवास पर यूक्रेन हमला जैसे आरोप शांति की कोशिशों को और जटिल बना सकते हैं।
Deeply concerned by reports of the targeting of the residence of the President of the Russian Federation. Ongoing diplomatic efforts offer the most viable path toward ending hostilities and achieving peace. We urge all concerned to remain focused on these efforts and to avoid any…
— Narendra Modi (@narendramodi) December 30, 2025
लावरोव का दावा और रूस की सख्त चेतावनी
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने दावा किया कि यूक्रेन ने मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग के बीच स्थित नोवगोरोद क्षेत्र में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आधिकारिक आवास पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया। उनके अनुसार, कुल 91 ड्रोन रूसी वायु‑रक्षा प्रणाली ने रोक लिए और गिरा दिए, जिसके कारण न तो किसी प्रकार की क्षति हुई और न ही किसी के हताहत होने की खबर मिली। लावरोव ने चेतावनी दी कि पुतिन आवास पर यूक्रेन हमला के इस कथित प्रयास के बाद रूस अपनी वार्ता की स्थिति की समीक्षा करेगा, हालांकि वह चल रही शांति‑बातचीत से पीछे हटने का इरादा नहीं रखता।
रूस का तर्क है कि यूक्रेन द्वारा कथित तौर पर राष्ट्रपति के आवास को निशाना बनाना न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है, बल्कि चल रही शांति प्रक्रिया के लिए भी बेहद खतरनाक संकेत है। रूसी नेतृत्व का मानना है कि यदि पुतिन आवास पर यूक्रेन हमला जैसी घटनाओं को अनदेखा किया गया, तो भविष्य में वार्ता का माहौल और अधिक विषाक्त हो सकता है। इसी कारण मास्को ने इशारा किया है कि उसकी बातचीत की शर्तें अब पहले की तुलना में अधिक कठोर हो सकती हैं।
ज़ेलेंस्की का सख्त इनकार और कूटनीतिक चिंता
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने पुतिन आवास पर यूक्रेन हमला के रूसी दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे “टिपिकल रूसी झूठ” करार दिया। ज़ेलेंस्की का कहना है कि मॉस्को इस कथित हमले की कहानी गढ़कर कीव और अन्य यूक्रेनी शहरों पर नए हमलों को जायज़ ठहराना चाहता है और साथ ही अमेरिका के साथ उनकी साझा कूटनीतिक पहल को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस पहले भी कीव में सरकारी इमारतों, जिसमें मंत्रिमंडल भवन भी शामिल है, को निशाना बना चुका है और अब वही दोबारा करने की तैयारी में है।
ज़ेलेंस्की ने यह भी स्पष्ट किया कि यूक्रेन कभी ऐसे कदम नहीं उठाता जो कूटनीति को कमजोर करें, जबकि रूस बार‑बार ऐसे कार्य करता है जो बातचीत के रास्ते में बाधा डालते हैं। उनके अनुसार, पुतिन आवास पर यूक्रेन हमला जैसा कथित आरोप रूस की एक और कोशिश है कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह कर सके और शांति‑प्रक्रिया को पटरी से उतार दे। ज़ेलेंस्की ने वैश्विक समुदाय से अपील की कि वे चुप न रहें और यह सुनिश्चित करें कि रूस शांति प्रयासों को नष्ट न कर सके।
ज़ेलेंस्की का यह भी कहना है कि उनके और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच हालिया बातचीत के दौरान युद्ध खत्म करने की दिशा में कुछ ठोस प्रगति हुई, जिसके बाद रूस के लिए दोनों देशों के बीच किसी नए विवाद का न होना असहज स्थिति पैदा कर रहा है। ऐसे में, पुतिन आवास पर यूक्रेन हमला की कहानी से रूस अपने संभावित नए हमलों को वैध ठहराने और सुरक्षा वार्ताओं की दिशा बदलने की कोशिश कर रहा है।
इसी बीच, यूक्रेन ने बताया कि अमेरिका ने युद्ध‑उपरांत व्यवस्था के लिए लगभग 15 वर्षों की सुरक्षा गारंटी देने का वादा किया है, जिसे आगे बढ़ाने की संभावना भी खुली रखी गई है। हालांकि, अभी भी कई महत्वपूर्ण मुद्दे अनसुलझे हैं, जिनमें रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों की भविष्य की स्थिति और ज़ापोरिज़्ज़िया परमाणु संयंत्र का नियंत्रण शामिल हैं। दूसरी ओर, रूस पूर्वी डोनेत्स्क सहित उन चार क्षेत्रों पर अपना पूर्ण नियंत्रण चाहता है जिन्हें वह पहले ही अपना हिस्सा बता चुका है, जिससे शांति समझौते की राह और कठिन हो जाती है।
रूस का दावा: यूक्रेन ने पुतीन के घर पर 91 ड्रोन से हमला किया, जेलेंस्की ने खारिज किया
इन तमाम आरोप‑प्रत्यारोपों और बयानबाज़ी के बीच प्रधानमंत्री मोदी की अपील एक संतुलित और जिम्मेदार आवाज़ के तौर पर उभरकर सामने आती है। भारत का मानना है कि पुतिन आवास पर यूक्रेन हमला जैसे विवादित दावों के बावजूद, केवल बातचीत, विश्वास‑निर्माण और पारदर्शी कूटनीतिक प्रयास ही इस लंबे चले आ रहे युद्ध का स्थायी समाधान दे सकते हैं।

